पडरौना। रामकोला थाना क्षेत्र के कुस्महां गांव की एक महिला की वोटर आईडी में कूटरचना करके गांव के ही एक व्यक्ति ने पडरौना के बैंक से समूह लोन ले लिया। जरूरत पड़ने पर महिला लोन लेने गई तो पता चला कि उसका सिबिल स्कोर कम हो गया है। जबकि, महिला ने कोई लोन नहीं लिया है।
शाखा प्रबंधक ने पडरौना के बैंक से समूह लोन लेने की बात बताई। इसके बाद महिला के होश उड़ गए। संबंधित बैंक से जानकारी हासिल की तो पता चला कि उसकी वोटर आईडी में कूटरचना कर गांव के ही एक शख्स ने लोन लिया है।
महिला के पति की तहरीर पर आरोपी के अलावा तत्कालीन बैंक मैनेजर समेत तीन के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कुस्महां के अरविंद कुमार सिंह ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी कि उनकी पत्नी किरन सिंह के वोटर आईडी कार्ड में हेराफेरी व कूटरचना कर पडरौना शहर के दरबार रोड स्थित बैंक से समूह लोन निकाला गया है।
बैंक शाखा की ओर से बताया गया कि मार्च 2022 में उनकी पत्नी के नाम से पडरौना के बैंक से 25,206 रुपये समूह लोन लिया गया है, जो अब तक जमा नहीं किया गया और उनका सिबिल स्कोर कम हो गया है। खराब सिबिल के कारण उन्हें कोई भी बैंक अथवा फाइनेंस कंपनी लोन नहीं देगी।
यह सुनने के बाद दंपती के होश उड़ गए। पडरौना के जिस बैंक से लोन लिया गया था, वहां दंपती ने पता किया तो बताया गया कि 2022 में किरन सिंह की वोटर आईडी लगाकर पड़वलिया छोटकी टोला निवासी आनंद कुशवाहा ने लोन लिया है। आरोप है कि आनंद ने तत्कालीन बैंक मैनेजर व एफएसओ पद पर तैनात कर्मचारी खुर्शीद आलम की मिली भगत से लोन लिया है।
लोन जमा नहीं होने से किरन सिंह का सिबिल स्कोर कम हो गया है। अब उन्हें कोई बैंक लोन देने के लिए तैयार नहीं है। इससे पति-पत्नी का मानसिक, आर्थिक व सामाजिक नुकसान हुआ है। आरोप यह भी है कि जब आनंद से लोन की धनराशि निकाले जाने को लेकर पूछताछ की गई तो वह धमकी दे रहा है। पीड़ित की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी आनंद कुशवाहा, एचडीएफसी के तत्कालीन बैंक मैनेजर व एफएसओ खुर्शीद आलम के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है।
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