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Kushinagar News: नरवाजोत में गंडक ने बढ़ाया दबाव, बांध के पत्थर धंसे, ग्रामीणों में दहशत

Mon, 01 Sep 2025 12:34 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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नरवाजोत में बचाव कार्य में जुटे मजदूर। संवाद 
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तमकुहीरोड। गंडक नदी का डिस्चार्ज एक लाख क्यूसेक से नीचे आने के बाद भी नरवाजोत में कटान का खतरा मंडराने लगा है। इसके पहले भी नदी बांध पर कराए गए बचाव कार्य को कई बार अपनी धारा में विलीन कर चुकी है।
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जिसे लेकर विभाग अलर्ट है। ग्रामीणों ने कहा कि पानी के दबाव के चलते रोज बंधे का कोई न कोई हिस्सा धंस जा रहा है। ऐसे में पुख्ता मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी नदी की कटान तेज हो सकता है।
गंडक नदी धारा बदलने के लिए जानी जाती है। पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से नदी ने पिपराघाट के नरवाजोत बांध के किमी 0.500 से किमी 1.000 के बीच के हिस्से को कटान के जद में ले रखा है। यहां लगातार बोल्डर व जीओ बैग से बचाव कार्य कराए जाने के बाद भी कटान का खतरा कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
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नदी कई किसानों की लहलहाती हुई धान व गन्ने की फसल को भी बर्बाद कर चुकी है। 50 एकड़ से अधिक उपजाऊ भूमि कटान की भेंट चढ़ चुकी है। रविवार को भी बांध की स्थिति काफी संवेदनशील रही और बांध से सटे बैंकरोलिंग का खेल जारी रहा।
बाढ़ खंड के एसडीओ दीपरतन सिंह टीम के साथ लगातार इस हिस्से पर नजर बनाए हुए हैं। जैसे ही बांध से सटकर बह रही गंडक नदी में कोई हलचल होती है। टीम तुरंत वहां बचाव कार्य करके उस हिस्से की मरम्मत करा देती है। रोज बचाव कार्य का हिस्सा धंसने और मरम्मत का सिलसिला जारी है। क्षेत्र के पुजारी सिंह, प्रभुनाथ यादव, पारस निषाद, रामप्रसाद सिंह, रामचंद्र राय आदि का कहना कि यहां बांध की स्थिति अभी भी नाजुक है।
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इस संबंध मे बाढ़ खंड के एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि बांध पूरी तरह सुरक्षित है और उसकी लगातार निगरानी की जा रही है।
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