फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kushinagar News: कही फ्री-फायर,कही लूडो गेम....डिजिटल जाल में फंस रहे बच्चे

विज्ञापन
विज्ञापन
पडरौना। कभी गलियों में गूंजने वाली बच्चों का शोर अब मोबाइल स्क्रीन के सन्नाटे में खो गई हैं। बस एक लेवल और की यह जिद बच्चों का एक ऐसा चक्रव्यूह में धकेल रहीं है, जहां से वापसी का रास्ता मानसिक अवसाद, आक्रामकता और कभी-कभी आत्महत्या तक पहुंच जाता है। फ्री फायर की गोलियां और लूडो के डिजिटल पासे समय नहीं, बल्कि बच्चों के भविष्य औ परिवार की जमापूंजी भी उड़ा रहे हैं। बच्चों और किशोरों में बढ़ता यह डिजिटल जाल काफी चिंताजनक व काफी भयावह पहलू है। जिसे नजर अंदाज नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन

गाजियाबाद की घटना के बाद ऑनलाइन मोबाइल गेमिंग पर सवाल खड़े होने शुरू हो गए हैं। मोबाइल गेम अब सिर्फ समय बिताने का साधन नहीं रहे, बल्कि बच्चों और किशोरों की दिनचर्या का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं। फ्री-फायर जैसे एक्शन गेम से लेकर साधारण लूडो तक, स्क्रीन पर बिताया जाने वाला समय लगातार बढ़ रहा है। हाल की एक चर्चित घटना ने देशभर में यह चिंता बढ़ा दी है कि डिजिटल लत का असर बच्चों के मानसिक और भावनात्मक संतुलन पर गहरा पड़ सकता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह समस्या किसी एक शहर या परिवार की नहीं, बल्कि बदलती डिजिटल परवरिश की सच्चाई है और इससे गहरा प्रभाव पड़ेगा। यह सिर्फ एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए डराने वाली चेतावनी है। मोबाइल स्क्रीन पर दिखने वाला ‘गेम’ कब बच्चों और किशोरों के लिए मौत का खेल बन जाए, इसका अंदाजा अब लगातार सामने आ रही घटनाओं से लगाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें