कप्तानगंज। क्षेत्र के ग्राम सभाओं में पोखरे की खुदाई और कच्ची सड़क पर मिट्टटी के कार्य में सचिवों और ग्राम प्रधानों की मिली भगत से अनियमितता की पोल फाइलों में लगे फोटोग्राफ से खुल गई।
इससे स्पष्ट है कि सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। ब्लॉक कार्यालय की सक्रियता के चलते मामला पकड़ में आया तो अधिकारियों की तरफ से भेजे गए दो नोटिस के बाद भी सचिवों ने उसका जवाब नहीं दिया। इस मामले में मेट और रोजगार सेवकों पर गाज गिर सकती है। इसको लेकर ग्राम प्रधान और सचिवों के हाथ पाव फूले हुए हैं। बीओओ प्रवीण कुमार शुक्ला ने बीते चार जून को ब्लॉक के 20 ग्राम सभाओं के सचिवों और रोजगार सेवकों को नोटिस भेज कर दो कार्य दिवस में रिपोर्ट मांगी गई थी। सचिवों और ग्राम प्रधानों ने नोटिस का जवाब देने के बजाए ब्लाॅक कार्यालय का परिक्रमा करने लगे।
वे नोटिस का जवाब देना उचित नहीं समझे। ब्लॉक प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बीते 18 जून को पुनः रिमाइंडर भेजा, लेकिन सिर्फ चार ग्राम सभाओं की तरफ से जवाब मिला।