पडरौना/कसया। जिले में बार-बार हो रहे फाल्ट और लो वोल्टेज की समस्या से परेशान बिजली उपभोक्ताओं को आने वाले दिनों में बहुत हद तक इस समस्या से निजात मिल जाएगी। बिजली निगम की तरफ से जिले के अलग-अलग स्थानों पर चार नए विद्युत उपकेंद्र स्थापित किए जा रहे हैं तो वहीं जिले के आठ विद्युत उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि की जा रही है।
इन सभी उपकेंद्रों की क्षमता वृद्धि होने और नए उपकेंद्रों के स्थापित होने के बाद उसके सक्रिय होने के बाद शहर से ग्रामीण क्षेत्रों के बिजली उपभोक्ताओं की बिजली समस्या बहुत हद तक दूर हो जाएगी। विद्युत कटौती और लो वोल्टेज की समस्या से उपभोक्ताओं को निजात दिलाने के लिए निगम की ओर से लगातार प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत निगम की तरफ से जिले में चार नए विद्युत उपकेंद्र का निर्माण कराया जा रहा है।
इसमें टेकुआटार में 6.87 करोड़, भड़सर में 6.33 करोड़, भैरव नगर में 7.52 करोड़ और सुमाही बुजुर्ग में 5.80 करोड़ की लागत से विद्युत उपकेंद्र निर्माण का कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। बिजली निगम के अधिकारियों के अनुसार इन विद्युत उपकेंद्र का निर्माण एक से दो माह में तैयार हो जाएगा। इसके बाद उसे क्षेत्र के लोगों को बिजली आपूर्ति शुरू करा दी जाएगी।
इस समय हाटा डिविजन के रामकोला उपकेंद्र से सात किलोमीटर दूर से टेकुआटार क्षेत्र में बिजली आपूर्ति हो की जा रही है। लंबी दूरी की वजह से लाइन लास होता है, जिससे इन क्षेत्र के लोगों को वोल्टेज कम मिलने के साथ बार-बार फाल्ट की समस्या हो रही थी। टेकुआटार मं पांच एमबीए की क्षमता का नया विद्युुत उपकेंद्र बनने से क्षेत्र की बिजली की समस्या दूर हो जाएगी।
इस तरह हाटा डिविजन के कप्तानगंज उपकेंद्र से करीब पांच किलोमीटर दूरी से भड़सर खास क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं को, कसया डिविजन के फाजिलनगर उपकेंद्र से करीब सात किलोमीटर दूर सेमही बुजुर्ग और करीब छह किलोमीटर दूर सेवरही डिविजन के तरयासुजान उपकेंद्र से भैरवनगर घघवा जगदीश गांव के आसपास के बिजली उपभोक्ताओं को आपूर्ति हो रही है।
लंबी दूरी की वजह से उपभोक्ताओं को लो वोल्टेज, फाल्ट की समस्या से परेशान होना पड़ रहा था। इसके अलावा उपकेंद्र की दूरी कम होने से बिजली कर्मियों को भी फाल्ट समेत अन्य गड़बडी ढूढ़ने में आसानी होगी।