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Kushinagar News: 31 घंटे बाद खत्म हुुई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष लल्लू की नजरबंदी

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तमकुहीरोड (कुशीनगर)। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व आेडिशा के प्रभारी अजय कुमार लल्लू और पार्टी के जिलाध्यक्ष रविंद्र विश्वकर्मा उर्फ राधे मंगलवार को भी दिनभर घर में नजरबंद रहे। करीब 31 घंटे बाद मंगलवार शाम करीब छह बजे पुलिस ने उनकी नजरबंदी खत्म की।
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मालूम हो कि मनरेगा का नाम बदलने, किसान हितों की उपेक्षा कर अमेरिका से ट्रेड डील करने और एपस्टीन फाइल में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का नाम आने पर उनके इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को कांग्रेस का लखनऊ में विधानभवन घेरने का कार्यक्रम था। वहां जाने से पहले ही सोमवार को पुलिस ने दोनों नेताओं को उनके घर में नजरबंद कर लिया। दोनों नेताओं ने पुलिस की इस कार्रवाई को लोकतंत्र के खिलाफ बताया। वहीं पुलिस का कहना है कि उन्होंने उच्च अधिकारियों के कहने पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की।

17 फरवरी को होने वाले विधान भवन घेराव के लिए अजय कुमार लल्लू सोमवार को दुदही के दुबौली बाजार में सभा कर रहे थे। रात में उन्हें लखनऊ जाना था। इसी बीच उच्च अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने देर शाम उनको हाउस अरेस्ट कर लिया और उनके आवास पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। मंगलवार को भी उनके आवास पर पुलिस का सख्त पहरा जारी रहा। तीन बजे विधायक को तुर्कपट्टी के शिव मंदिर पर पार्टी मीटिंग के लिए जाना था तो सेवरही पुलिस भी चौकी इंंचार्ज अनिल कुमार शर्मा के नेतृत्व में इनके साथ गई। शाम करीब छह बजे उनके आवास से पुलिस की टीम हट गई।
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उधर, विधानभवन घेराव के मद्देनजर नगर के श्रीराम जानकी नगर वार्ड स्थित कांग्रेस जिलाध्यक्ष रविंद्र विश्वकर्मा उर्फ राधे के आवास पर भी मंगलवार दिनभर पुलिस तैनात रही। रविवार की रात से ही कसया पुलिस ने उनके आवास पर निगरानी बढ़ा दी थी। सोमवार के बाद मंगलवार को भी पूरा दिन पुलिस कर्मी घर के बाहर डटे रहे। जिलाध्यक्ष के घर से बाहर निकलने या नगर में किसी से मिलने-जुलने पर पुलिस की नजर बनी रही। कांग्रेस पदाधिकारियों का आरोप है कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक कार्यक्रम में भाग लेने से रोकने के उद्देश्य से पुलिस ने यह कार्रवाई की। वहीं पुलिस का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन निगरानी रखी गई थी।
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