पडरौना। अपर शिक्षा निदेशक (पत्राचार) ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजा है। उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास इंटर काॅलेज पडरौना के पत्राचार पाठ्यक्रम के तहत इंटर परीक्षा वर्ष 2026 में पंजीकृत कुल 700 परीक्षार्थियों के आवेदन पत्रों को निरस्त कर उन्हें आवंटित अनुक्रमांकों को फ्रीज/ विलोपित होने के संबंध में कार्रवाई करते हुए नोडल अधिकारी और प्रधान लिपिक के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है। वहीं नोडल अधिकारी खुद के बचाव में अफसरों और सफेदपोशों का गणेश परिक्रमा कर रहा है।
अपर शिक्षा निदेशक (पत्राचार) सीएल चौरसिया की तरफ से जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजे गए पत्र में कहा है कि पत्राचार पंजीकरण केंद्र के नोडल अधिकारी विकास मणि त्रिपाठी, प्रधानाचार्य पंडित दीन दयाल उपाध्याय राजकीय इंटर काॅलेज, बिंदवलिया और तुलसी इंटर कॉलेज के प्रधान लिपिक ज्ञान प्रकाश पाठक के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। साथ ही समस्त साक्ष्य संकलित कर उसका परीक्षण करें कि वह उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) से आच्छादित है, तो उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की जाए। नोडल अधिकारी और प्रधान लिपिक की मनमानी से 700 विद्यार्थियों का भविष्य अधर में फंस गया और वह परीक्षा देने से वंचित रह गए। फर्जी हस्ताक्षर करने वाला नोडल अधिकारी का पहले से विवादों से नाता रहा है। सूत्रों की माने तो डीआईओएस की ओर से कराई जाने वाले जांच में लीपापोती का अंदेशा परीक्षा से वंचित छात्रों ने लगाया है। इस संबंध डीआईओस श्रवण कुमार गुप्ता ने बताया कि अपर शिक्षा निदेशक (पत्राचार) की तरफ से पत्र मिला है। इसमें आरोपी पर प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश मिला है।