छह प्राथमिक स्कूलों में भरा बाढ़ का पानी
एक सितंबर से ही खुल गए हैं प्राथमिक विद्यालय
संवाद न्यूज एजेंसी
तमकुहीरोड। सेवरही क्षेत्र में पिपराघाट गांव के छह प्राथमिक विद्यालयों में बाढ़ का पानी भरा होने से पढ़ाई नहीं शुरू हो सकी है। शिक्षकों का कहना है कि बच्चों के साथ कोई अनहोनी न हो, इसलिए पानी सूखने तक विद्यालय आने से मना कर दिया गया है।
शासन के निर्देश पर सेवरही क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय भी बुधवार से खुल गए, लेकिन पिपराघाट गांव के तवकल टोला स्थित प्राथमिक विद्यालय व संविलियन उच्च प्राथमिक विद्यालय, नरवाजोत, बुटन टोला, नरवा टोला, जोगनी और परसा अव्वल स्थित प्राथमिक विद्यालयों में गंडक एवं बांसी नदी के बाढ़ का पानी अभी भी भरा हुआ है। इससे कई विद्यालयों में अभिलेख भीग गए हैं तो कई विद्यालयों में कीड़े-मकोड़ों का भय बना है। यही कारण है कि इन विद्यालयों में पठन-पाठन आरंभ नहीं हो सका है। इन विद्यालयों के शिक्षकों ने इसकी जानकारी खंड शिक्षा अधिकारी सेवरही को दे दी है। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी सेवरही अमित कुमार सिंह के निर्देश पर जलभराव वाले विद्यालयों में सुरक्षा कारणों से छात्रों को विद्यालय आने से मना कर दिया गया है।
विद्यालय में जलभराव, पढ़ाई प्रभावित
कुबेरस्थान। प्रानछापर स्थित प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में बारिश का पानी एकत्र हो गया है। जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने से अभिभावक बच्चों को विद्यालय भेजने से कतरा रहे हैं। इससे बच्चों का पठन पाठन भी प्रभावित हो रहा है। शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता समेत अन्य कर्मचारी तो विद्यालय पहुंच रहे हैं। लेकिन अभिभावक बच्चों को विद्यालय भेजने से परहेज कर रहे हैं। प्रभारी प्रधानाध्यापक प्रियंका यादव ने बताया कि जलभराव की समस्या दूर करने के लिए ग्राम प्रधान और विभागीय अधिकारियों को बता दिया गया है। इस संबंध में प्रधान प्रतिनिधि नीरज चौहान का कहना है कि स्थायी निदान के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली है। जल्द ही कार्य शुरू करा दिया जाएगा। संवाद