महदेवा गाँव की सड़क पर बहता पानी ।एसडीएम ने ली जानकारी
खड्डा। नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने से महादेवा और सालिकपुर गांवों पर फिर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। गांवों के निचले हिस्सों में पानी पहुंचना शुरू हो गया है। नदी किनारे बसे करीब 25 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि देर रात तक दोनों गांवों में पानी भर सकता है। एडीएम पवन कुमार ने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महादेवा गांव के नदी किनारे रहने वाले जवाहिर, मजीद, भोला, बाढ़ू, शंकर, योगेंद्र, शहबर और किशोर समेत 25 परिवारों को विस्थापित किया जा रहा है। इन परिवारों को गांव के पंचायत भवन और बाढ़ चौकी पर जरूरी सामान के साथ भेजा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 और उससे पहले भी इन गांवों के लोगों को कई बार विस्थापित होना पड़ा था। तब उन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग 727 पर सालिकपुर चौकी के पास मवेशियों व परिवार के साथ शरण लेनी पड़ी थी। पुनः ऐसे हालात आने से ग्रामीण चिंतित हैं।
एडीएम पवन कुमार ने नदी किनारे पहुंचकर हालात का जायजा लिया। एडीएम ने राजस्व टीम को बाढ़ चौकी पर आवश्यक सुविधा उपलब्ध रखने का निर्देश दिया ताकि लोगों को शरण दी जा सके। उन्होंने नाव की व्यवस्था रखने के भी निर्देश दिए। एडीएम ने छितौनी तटबंध के किलोमीटर 5.180 स्थित ठोकर नंबर तीन सहित तटबंध का निरीक्षण किया। उन्होंने एसडीआरएफ के जवानों और बाढ़ खंड के अधिकारियों से नदी की स्थिति की जानकारी ली और तटबंध पर चौबीस घंटे निगरानी रखने के निर्देश दिए।
एडीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में सुरक्षा से समझौता नहीं होना चाहिए। निरीक्षण के दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। इनमें एसडीएम संत राज सिंह बघेल और सीओ अजय कुमार श्रीवास्तव शामिल थे। तहसीलदार महेश कुमार भी मौके पर उपस्थित थे।