पडरौना। खड्डा क्षेत्र के भैसहा गांव में बृहस्पतिवार को बाढ़ के मद्देनजर मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें राजस्व, पुलिस, पशुपालन, स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी, अग्निशमन विभाग आदि विभाग के कर्मचारियों ने बाढ़ आपदा प्रबंधन के लिए आपसी सामंजस्य बनाकर अभ्यास किया।
मॉकड्रिल का संचालन कर रहे जिला आपदा विशेषज्ञ रवि प्रताप राय ने कहा कि जिला स्तरीय इन्सीडेन्ट रेस्पान्स टीम का गठन किया गया है। इस टीम के माध्यम से मॉकड्रिल किया गया है। उन्होंने बताया कि खड्डा एसडीएम मोहम्मद जफर ने वायरलेस से जिला ईओसी को बताया कि बडी गंडक नदी के जल स्तर में वृद्धि से ग्राम ग्राम भैसहां जलमग्न हो गया है। 10 व्यक्ति पेड़ और छत पर फंसे हैं। पांच लोग नदी में डूब गए हैं।
सूचना मिलते ही प्रभारी अधिकारी ईओसी में तैनात अधिकारी सूचना रजिस्टर में दर्ज करते हुए रेडियो सेट के माध्यम से अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को सूचना दी। इसके बाद एडीएम ऑपरेशन सेक्शन चीफ सीओ खड्डा ने यातायात निरीक्षक व एसडीआरएफ टीम को सडक मार्ग पर ग्रीन कॉरिडोर उपलब्ध कराने की सूचना दी गई। प्लानिंग चीफ वीडीओ खड्डा के निर्देश पर संबंधित विभागाध्यक्ष मौके पर पहुंचकर स्टेजिंग एरिया में विभागवार संसाधनों को व्यवस्थित किया।
लॉजिस्टिक चीफ तहसीलदार खड्डा के निर्देश पर राहत शिविर प्रभारी प्रभावित व्यक्तियों को पंजीकृत करते हुए राहत शिविर में ठहराने, भोजन और पेयजल आदि सुविधा उपलब्ध कराया। एसडीआरएफ व अग्निशमन विभाग की तरफ से स्थल पर पहुंच कर अन्य विभागों के सहयोग से बचाव एवं राहत कार्य शुरू किया। नदी का जल स्तर बढ़ने से पेड़ और छत पर फंसे दस लोगों को सुरक्षित बचाया, वहीं डूब रहे पांच लोगों में से दो का शव खोजते हुए शेष लोगों को बचा लिया। वहीं नाव से वापस आ रहे सात लोगों की नाव पलटने से डूबते लोगों को एसडीआरएफ टीम ने बचाते हुए उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भेजवाया गया।