पडारौना। मोंथा तूफान के असर से हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेत में पककर तैयार धान की फसल कटाई से पहले ही खेतों में गिर गई है।
धान की फसल के ऊपर पानी बह रहा है। अब किसान खेतों में खड़ी फसल सही करने में पसीना बहा रहे हैं।
क्षेत्र के देवपोखर कोरया, भेलही गुरवलिया, सरिसवां, लवकुश, गांगीटीकर, भलुही, तिरमासाहुन बेलवा, दोघरा, भेलया, चन्द्रौटा व देवपोखर सहित आसपास गांव के किसान अजीत राय, जहीर अंसारी, जहुर अंसारी, शकुर अंसारी, रविंद्र सिंह, विगु शर्मा, रामबृक्ष प्रजापति आदि ने बताया कि धान की बाली में नमी से उसका रंग काला पड़ सकता है।
खेत में पककर तैयार चुकी फसल दोबारा अंकुरित होने लगी है। ऐसी स्थिति में मंडी में दाम भी घट जाते हैं। किसानों ने बताया कि मौसम ने न केवल धान की उपज प्रभावित किया है, बल्कि गेहूं, गन्ना व तिलहनी फसलों की बुवाई भी देर से हो पाएगी।
डीडी कृषि अतिंद्र सिंह ने बताया कि बारिश से नुकसान हुए फसलों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट मिलने पर नुकसान की भरपाई के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।