रिया कुमारी की आंख का जांच करते चिकित्सक।संवाद।
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छात्रा की आंखों का उपचार कराएंगे प्रधानाध्यापक
- रिया की दाई आंख की चली गई है रोशनी, बाई आंख से कम दिख रहा है
- आर्थिक दिक्कत की वजह से इलाज कराने में असमर्थ हैं परिजन
संवाद न्यूज एजेंसी
पकड़ियार बाजार। नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के ग्राम सभा सौरहा बुजुर्ग निवासी रिया कुमारी के आंखों की रोशनी भले कम हो चुकी है। लेकिन उसके मन में शिक्षा के अंधकार को मिटाने का जज्बा बाकी है। गरीबी से जूझ रही पांचवीं कक्षा की छात्रा रोजाना स्कूल जाती है। उसकी एक आंख से पूरी तरह से दिखाई नहीं देता है। अब दूसरी आंख की रोशनी भी धीरे-धीरे कम हो रही है। आंखों के उपचार के लिए रिया को दिल्ली ले जाना पड़ेगा। उसकी मेहनत और काबिलियत को देखकर उसके स्कूल के प्रधानाध्यापक सुफियाना अंसारी अपने स्तर से उपचार करा रहे हैं। प्रधानाध्यापक छात्रा की आंखों की रोशनी को लेकर काफी परेशान हैं।
अनुसूचित जाति के गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाली रिया कुमारी पढ़ने में काफी होनहार है। सात माह पूर्व उसकी दाईं आंख में सफेद धब्बा बन गया और धीरे - धीरे आंख की रोशनी चली गई। इधर कुछ माह से उसकी बाईं आंख में भी यह लक्षण दिखने लगे हैं। रिया के पिता अमरेंद्र भारती की स्थिति आर्थिक काफी खराब है। परिवार का खर्च चलाने के लिए वह पंजाब में मजदूरी करने गए हैं। पिता की हालत से रिया काफी चिंता में है। माली हालत खराब देख वह अपने लाचारी और बेबसी को ही मुकद्दर मान बैठी है। प्राथमिक विद्यालय में सबसे होनहार और चंचल रहने वाली छात्रा रिया कक्षा में भविष्य को लेकर गुमसुम रहती है। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुफियाना अंसारी अपने होनहार शिष्या की परेशानी और बेबसी को देख उसके आंख की रोशनी को बचाने के लिए परेशान हैं। छात्रा की आंख इलाज कराने के लिए प्रधानाचार्य उसे कुबेरस्थान स्थित आंख के अस्पताल में ले गए थे। डॉक्टर ने बताया कि दाईं आंख पूरी तरह से खराब हो चुकी है। बाईं आंख का उपचार जल्दी नहीं हुआ तो उसकी भी रोशनी चली जाएगी। इसका बेहतर उपचार हैदराबाद और एम्स दिल्ली में ही संभव है। प्रधानाध्यापक सुफियाना अंसारी का कहना है कि रिया की आंख की जांच दिल्ली में कराने के लिए जल्द जाऊंगा। उसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।