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Kushinagar News: नरवाजोत बांध पर कटान तेज, तटवर्ती गांवों में दहशत

Tue, 26 Aug 2025 01:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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नरवाजोत बांध से सटकर बहती गंडक नदी। संवाद   
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तमकुहीरोड। नरवाजोत में शनिवार को रात में अचानक कटान तेज हो जाने के बाद बचाव कार्य का एक हिस्सा नदी में धंस गया था। उस क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत तो बाढ़ खंड द्वारा करा दी गई, लेकिन बांध पर अभी भी गंडक नदी के कटान का खतरा बना हुआ है, क्योंकि नदी बैकरोलिंग करती हुई लगातार बांध पर दबाव बनाए हुए है।
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इस खतरे को देखते हुए विभाग ने वहां सतर्कता बढ़ा दी है, जबकि नदी लगातार फसलों को निशाना बनाने में लगी हुई है, लोगों का कहना है कि स्थिति अभी भी नाजुक है और बांध पर कटान का खतरा बना हुआ है, यदि बांध के सुरक्षा कवच को मजबूत नहीं बनाया गया तो पुनः यह खतरा बढ़ सकता है। सेवरही क्षेत्र में नरवाजोत एक्सटेंशन से अहिरौलीदान तक साढ़े सत्रह किलों मीटर की लंबाई में गंडक नदी बहती हैं जो बांध के किनारे बसे गांवों के लगभग बीस हजार की आबादी के लिए सुरक्षा कवच के समान है, जबकि यह नदी अपनी धारा बदलने के लिए जानी जाती है। पिछले तीन माह से नरवाजोत बांध के किमी 1.700 पर स्थित ठोकर के साथ उसके अप एंड डाउन स्ट्रीम बचाव कार्य जारी है, जबकि एक सप्ताह में नदी नरवाजोत बांध किमी 0.600 से किमी 1.000 के बीच कटान करके बांध के नए हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा चुकी है।
यही नहीं अनेक किसानों की लगभग 50 एकड़ से अधिक भूमि में खड़ी फसल के साथ उपजाऊ भूमि को अपने धारा में विलीन कर चुकी है। कई दिन शांत रहने के बाद गंडक नदी में शनिवार को देर शाम अचानक कटान तेज हो गयी थी और बचाव कार्य का एक हिस्सा नदी में विलीन हो गया था, इसकी सूचना मिलते ही बाढ़ खंड के एसडीओ दीपरतन सिंह, जेई रमेशधर दुबे, जेई सुनील कुमार यादव और जेई विनोद शर्मा की टीम मौके पर पहुंच गई थी और देर रात तक जेसीबी व मजदूरों को लगाकर बोल्डर व जीओ बैग से क्षतिग्रस्त हिस्से का मरम्मत करा दिया गया था, बावजूद इसके सोमवार को भी किमी 0.600 से किमी 1.000 के बीच कटान का खतरा बना हुआ है।
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जहां नदी बैकरोलिंग करती हुई लगातार दबाव बनाए हुए है, हालांकि विभाग ने संभावित खतरे को देखते हुए जीओ बैंग, बोल्डर, जाली आदि का इंतजाम करते हुए सतर्कता बढ़ा दी है, लेकिन गांव के रामप्रसाद सिंह, जयलाल चौहान, उपेंद्र सिंह, ध्रुव निषाद, विरेश सिंह आदि का कहना है कि बांध अभी भी संवेदनशील है और इस पर सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम कराया जाना जरूरी है, इस संबंध में बाढ़ खंड के एसडीओ दीपरतन सिंह का कहना है कि किसी भी खतरे से निपटने के लिए संसाधन पर्याप्त है, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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