पडरौना। सदर एसडीएम के फौजदारी बाबू एडीएम प्रशासन की ओर से की गई जांच में खुद बेनकाब हो गया। खुद को कार्रवाई से बचने के लिए फौजदारी बाबू ने पत्नी की मदद से साजिश रचा था। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने बाबू को चेतावनी पत्र दिया है। वहीं एसडीएम ने बताया कि बाबू अपने कार्यों के प्रति उदासीन हैं और उसे टाइप करने नहीं आता है। इसके लिए कई बार चेतावनी दिया जा चुका है, बावजूद कार्यशैली में सुधार नहीं ला रहा था।
चतुर्थ श्रेणी से प्रमोशन पाकर सदर एसडीएम का फौजदारी बाबू रामहरि बन गया था, लेकिन उसको काम की जानकारी नही थी। टाइपिंग भी नहीं कर पाता था। इस पर एसडीएम ने नाराजगी जाहिर की थी। इन्होंने फौजदारी वादों में आनलाइन कार्रवाई न करके नियम को दरकिनार कर आफलाइन पत्रावली पूर्ण कराई गई, जो अलग से जांच का विषय है।
इसका खुलसा डीएम के आदेश पर एडीएम वैभव मिश्र के जांच में पता चला। डीएम के निर्देश पर सभी पक्षों को सुनने व गहन परीक्षण के बाद डीएम कार्यालय को सौंपी है। बीते 10 जुलाई की रात एसडीएम सदर के बाबू रामहरि अचानक रात भर गायब रहे। अगले दिन पत्नी रेनू देवी ने कलक्ट्रेट पहुंच कर आरोप लगाया था कि रात में एसडीएम सदर ने तमकुहीराज स्थित आवास पर बुलाया था, तभी से वह गायब हैं। इसके कुछ ही देर बाद वह वहां पहुंच गए थे। पति-पत्नी ने एसडीएम पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।
डीएम ने पूरे प्रकरण की जांच एडीएम को सौंपी थी। एडीएम ने इस मामले में रामहरि, पत्नी रेनू, एसडीएम सदर व अन्य साक्षियों के बयान दर्ज किए। तथ्यों का परीक्षण किया। एसडीएम ने बयान में कहा कि बाबू को काम बिल्कुल नहीं आता था। एडीएम ने खुद इसका परीक्षण किया तो यह बातें सिद्ध हो गई। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि काल करने के बाद भी विभागीय आदेश नहीं मानते थे। एडीएम, वित्त एवं राजस्व वैभव मिश्र ने बताया कि कार्यशैली में सुधार नहीं लाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।