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Kushinagar News: डॉलर-रियाल के लालच में बेरोजगार हो रहे ठगी के शिकार

Mon, 16 Dec 2024 12:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुशीनगर
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पडरौना। विदेश में जाकर डॉलर और रियाल में कमाई कर सपने को पूरा करने के चक्कर में युवा जालसाजों का शिकार बन रहे हैं। ट्रैवल एजेंट और एजेंसी संचालकों के मायाजाल में फंसकर वह सुनहरे सपने सजा रहे हैं। युवाओं की विदेश जाने की चाह न सिर्फ उनका भविष्य बर्बाद कर रही है, बल्कि उनके परिजनों के लाखों रुपये भी फंस जा रहे हैं।
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कुशीनगर जिले में भी कबूतरबाजी के ऐसे कई मामले अब सामने आ रहे हैं। शनिवार को पडरौना शहर में एक ट्रेवल्स में बिना अनुमति युवाओं का रूस की कंपनी का एमडी साक्षात्कार ले रहा था। तभी उधर से गुजर रहे एसपी की नजर जब युवाओं की भीड़ पर पड़ी तो वे ट्रैवल एजेंसी पर पहुंच गए।
पूरा मामला जानने के बाद एसपी ने कोतवाली पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। मामले में इंस्पेक्टर ने ट्रेवल्स एजेंट को 188 के तहत नोटिस दिया है। यही नहीं, कुछ दिन पहले ही सऊदी अरब में एक साल तक फंसे रहने के बाद नेबुआ नौरंगिया निवासी युवक की वतन वापसी हुई है। युवक के अनुसार, सऊदी अरब में भारत के तमाम लोग फंसे हैं। उनसे जरूरत से ज्यादा काम कराया जाता है तो समय से खाना भी नहीं मिलता है, जितना रुपया बताकर वहां भेजा जाता है, उसका आधा ही उन्हें मिल पाता है।
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एक संस्था के प्रयासों से सऊदी अरब से वापस भारत लौटे नेबुआ नौरंगिया निवासी दीपेश कुमार ने बताया कि उसके परिवार की माली हालत ठीक नहीं है। इसलिए वह विदेश जाना चाहता था। दिल्ली में उसकी मुलाकात एक एजेंट से हुई। करीब एक साल पहले एजेंट ने उसे यह कहकर सऊदी अरब भेजा कि वहां 1300 रियाल तनख्वाह के रूप में मिलेगा।
ओवर टाइम पर उसे अलग से भी कुछ रकम मिल जाएगी। एजेंट की बातों में आने के बाद वह सऊदी जाने के लिए तैयार हो गया। दीपेश का कहना है कि वहां जाने के बाद कफील ने 1300 रियाल की जगह 700 रियाल मिलने की बात कही। काम भी जरूरत से ज्यादा था। समय न तो खाना मिल रहा था और न ही उसके रहने की कोई व्यवस्था थी। लिहाजा, वह वहीं पर फंस गया। यह सारी बातें जब दीपेश ने दिल्ली के एजेंट को बताई तो उसने वतन बुलाने की बजाय वहीं पर काम करने की बात कही। इसके बाद दीपेश को सऊदी अरब से निकलने का कोई रास्ता ही नहीं दिख रहा था।
काम के बोझ और कफील के प्रताड़ना से आजिज आकर दीपेश वहां से किसी तरह भाग निकला और वह दूसरी जगह पर कुछ दिनों तक काम करने के बाद वतन वापसी के लिए प्रयास करने लगा। संस्था के प्रयासों से दीपेश की वतन वापसी हो सकी है।
उसने बताया कि उसके जैसे तमाम लोग भारत के सऊदी अरब में फंसे हुए हैं। कुछ लोगों पर भारी भरकम जुर्माना लगाकर जेल में डाल दिया गया है। जुर्माना की राशि इतनी अधिक है कि परिवार के लोग न चुका पा रहे हैं और न ही वहां फंसे लोगों की वतन वापसी हो पा रही है।
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