20 वर्ष से बदहाल है दुदही की सड़क
निर्माण के लिए कई बार लोग कर चुके हैं आंदोलन
बारिश के दिनों में गड्ढों में भर जाता है पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
दुदही। कस्बे की मुख्य सड़क रेलवे रोड करीब 20 वर्ष से बदहाल है। मरम्मत और देखरेख नहीं होने से सड़क क्षतिग्रस्त होकर गड्ढों में तब्दील हो गई है। इस पर बने गड्ढ़ों में बारिश के दिनों में पानी भर जाता है, जिसमें गिरकर राहगीर चोटिल हो जाते हैं। इसकी मरम्मत के लिए कस्बे के लोग कई बार आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन अभी तक सड़क की मरम्मत नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।
दुदही बाजार का रेलवे रोड कस्बे का मुख्य मार्ग है। इस सड़क से कस्बे में सामानों की खरीदारी, बैंक संबंधी कार्य निपटाने और ट्रेन पकड़ने के लिए ठाढ़ीभार, अमही, मिश्रौली, शाहपुर उच्चकी पट्टी, शाहपुर खलवा पट्टी, पडरौन मडूरही, मठिया भोकरिया, दुमही, मंझरिया, गौरीश्रीराम, गगलवा, रामपुर जमुनिया, पांडेय पट्टी, रामपुर बरहन, चौबेया पटखौली समेत करीब 40 गांवों के लोग आते हैं। इसके अलावा इसी रास्ते कस्बे में संचालित विद्यालयों में पढ़ने के लिए इन गांवों से छात्र-छात्राएं आते हैं। इस सड़क के निर्माण के लिए कस्बा समेत क्षेत्र के लोग करीब 15 वर्ष से बनाने की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस नेता नरेंद्र यादव कार्यकर्ताओं के साथ सत्याग्रह आंदोलन कर चुके हैं। कस्बे के व्यापारियों ने भी ज्ञापन देकर सड़क निर्माण की मांग करते रहते है। बड़ी लाइन बनाओ संघर्ष समिति ने भी नुक्कड़ सभाएं कर सड़क निर्माण कराने की मांग की थी। इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुंदन डीआरएम समेत जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन दे चुके हैं। इसके बाद करीब दो वर्ष पूर्व सड़क निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन आधा से भी कम सड़क बनाकर छोड़ दिया गया। दुदही कस्बे का प्रदीप पांडेय ने कहा कि बसपा, सपा सरकार में सड़क निर्माण कार्य नहीं हो सका। लोग इन सरकारों की कार्यकाल में सड़क निर्माण के लिए उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन सड़क का निर्माण नहीं हो सका। व्यापारी प्रहलाद मद्धेशिया का कहना है कि इस सड़क के निर्माण की मांग लोग करते रहते हैं। लेकिन शासन प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। इस सड़क के चलते रेलवे रोड की व्यापारियों का व्यापार चौपट हो रहा है। एक प्राइवेट विद्यालय के प्रबंधक चंद्रप्रकाश श्रीवास्तव का कहना है कि इस सड़क का निर्माण नितांत आवश्यक है। सड़क पर बने गड्ढ़ों में छात्राएं गिरकर घायल हो जाती हैं। गाड़ियां आने जाने से बच्चों पर कीचड़ का छींटे पड़ते हैं जिससे उनके कपडे़ गंदे हो जाते हैं। व्यवसायी मुनीम अंसारी का कहना है कि सड़क के बदहाल होने के कारण व्यवसाय भी प्रभावित होता है।