पडरौना। जिले में पिछले कई दिन से धूप निकल रही है, लेकिन ठंडी हवा स्वास्थ्य बिगाड़ रही है। ठंडी हवा की चपेट में आने से नजला, जुकाम, खांसी और बुखार के मरीज कम नहीं हो रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि भले ही धूप निकल रही हो, लेकिन ठंडी हवा चलने के कारण मौसम अभी ठंडा बना हुआ है। इसलिए बच्चों और बुजुर्गों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिले में ठंड का प्रकोप चल रहा है, लेकिन पिछले तीन-चार दिन में धूप निकलने से लोग ठंड से कुछ राहत महसूस कर रहे हैं। भले ही धूप निकल रही हो, लेकिन ठंडी हवा चलने से मौसम ठंडा ही बना हुआ है। धूप को देखकर लोगों को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। ठंडी हवा स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा रही है। इस मौसम में सरकारी व निजी अस्पतालों में नजला, जुकाम, खांसी व बुखार के मरीजों की संख्या कम नहीं हो रही है।
शनिवार को ओपीडी में करीब 250 मरीज आए, जिनमें करीब 100 प्रतिशत मरीज नजला, खांसी के आए। इसके अलावा बुखार के भी मरीज आ रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हरिकेश्वर मिश्र ने बताया कि धूप निकलने से मौसम में थोड़ा सुधार तो हुआ है, लेकिन ठंडी हवा चलने से लोग बीमार हो रहे हैं। इसलिए लोगों को खासतौर से बच्चों और बुजुर्गों को ठंड से बचाव करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धूप को देखकर यह न समझें कि ठंड कम हो गई है। इसलिए ठंड से बचाव के पूरे इंतजाम करें और इसमें लापरवाही न बरतें।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आयुष अनुपम का कहना है कि धूप निकलने से ठंड कम नहीं हुई है, इसलिए बच्चों को ठंड से बचाव के लिए ऊनी व गर्म कपड़े पहनाएं। धूप निकलती है तो भी ठंडी हवा से बचाव करना जरूरी है। इसमें लापरवाही बच्चों को बीमार बना सकती है। उन्होंने बताया कि ओपीडी में सबसे ज्यादा बीमार बच्चे नजला, खांसी व बुखार के ही आ रहे हैं। इस मौसम में अभी पूरी तरह से सावधानी बरतने की जरूरत है।