पिपरा कनक। क्षेत्र के बनवीरा गांव में इन दिनों कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। तीन दिन में आठ बच्चों को कुत्ते काटकर घायल कर चुके हैं। गांववालों का आरोप है कि पांच दिन पूर्व एक मालवाहक मैजिक से कुत्तों को लाकर अंजान व्यक्ति गांव के बाहर छोड़कर भाग गया। अब यही कुत्ते गांव में घूम रहे हैं और लोगों पर हमला कर रहे हैं। इससे गांव में दहशत है। लोगों ने कुत्तों को पकड़वाने की मांग की है। इसके चलते लोग अकेले अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेज रहे हैं।
बनवीरा गांव में आवारा कुत्ते तीन दिनों से दौड़ाकर बच्चों को काट रहे हैं। बाइक सवार लोगों को भी काटने के लिए दौड़ा रहे हैं। इसके डर से लोग अपने बच्चों को विद्यालय भेजने से परहेज कर रहे हैं। गांव वालों का कहना है कि तीन से चार की संख्या में कुत्ते घरों से अकेले निकलने वाले बच्चों पर हमला बोल दे रहे हैं। वहीं बाइक सवार लोगों को भी दौड़ा रहे हैं। यह कुत्ते पहले गांव में दिखाई नहीं देते थे। मैजिक से एक व्यक्ति लाकर गांव के बाहर छोड़ दिया।
इसके बाद से यह गांव में रह रहे हैं। इनके डर से गांव वाले हाथों में डंडा लेकर घरों से निकल रहे हैं। मवेशियों को भी लोग सुरक्षित स्थान पर बांध रहे हैं। गांव के प्रमोद शाही की आठ वर्षीय बेटी अनिष्का, रामस्नेही की पांच वर्षीय पुत्री श्रेया, शमसुद्दीन की छह वर्षीय पुत्री आरीद, सुनील कुमार के छह वर्षीय पुत्र रामू, श्याम सुंदर प्रसाद की आठ वर्षीय पुत्री डिंपल, श्रीकांत की पांच वर्षीय पुत्री पल्लवी, कमलेश की छह वर्षीय पुत्री तनुश्री व जिंतेंद्र के सात वर्षीय पुत्र आशीष को काटकर लहूलुहान कर चुके है।
संयोग ठीक रहा कि सभी को रैबीज के इंजेक्शन समय से सीएचसी फाजिलनगर उपलब्ध होने के कारण लग गया। इसमें तीन बच्चों का जख्म इतना गहरा है कि उसे ठीक होने में एक सप्ताह से ज्यादा समय लग सकता है। इसके चलते लोग घरों से बच्चों को खेलने के लिए भी नहीं निकलने दे रहे हैं। गांव के प्रमोद शाही आदि ने प्रशासन से इन आवारा कुत्तों को पकड़वाने की व्यवस्था की मांग की है।