इंजेक्शन लगवाते पहुंचे पीडित।संवाद
रामकोला। क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। दो दिनों में नगर पंचायत क्षेत्र व ग्रामीण इलाकों में कुत्तों ने करीब 80 लोगों को काटा है। इसमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग शामिल हैं। आलम यह है कि लोग दहशत में जीने को मजबूर हैं।
बच्चे घर से निकलने में डर रहे हैं। वहीं सीएचसी रामकोला पर रेबीज इंजेक्शन तो उपलब्ध है, लेकिन पतली सिरिंज न होने से मरीजों को बाहर से सिरिंज खरीदकर लानी पड़ रही है। सीएचसी रामकोला के रिकॉर्ड के अनुसार एक माह में 600 से अधिक लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो चुके हैं।
सभी पीड़ितों को एहतियातन एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगाया जा रहा है, लेकिन संसाधनों की कमी मरीजों की परेशानी बढ़ा रही है। बुधवार को सीएचसी पर इलाज के लिए पहुंचे पीड़ितों में दिव्यान (6 वर्ष) निवासी हरिकेशवा, गुड्डी देवी (45) रामपुर बगहा, अलीहुसैन (10) निवासी अमवा मंदिर, निक्कू कुशवाहा (16) अहिरौली कुस्मही और प्रमोद गुप्ता (26) निवासी चकिया शामिल रहे। सभी लोग बाहर से सिरिंज लेकर पहुंचे थे। फार्मासिस्ट आर चौहान ने बताया कि सिरिंज पर्याप्त संख्या में है, लेकिन मोटी लीड वाली सिरिंज है। पतली सिरिंज की मांग भेजी गई है, जो अभी प्राप्त नहीं हुई है।