फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांसी नदी के घाट पर पहुंचे अफसर

विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम ने नदी का किया निरीक्षण, पुनरुद्धार के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश
विज्ञापन

जटहां बाजार (कुशीनगर)। लोक आस्था से जुड़ी बांसी नदी के दिन बहुरने की उम्मीद बढ़ी है। शुक्रवार सुबह डीएम की अगुवाई में कई विभागों के जिला स्तरीय अफसरों ने बांसी घाट पर पहुंचकर नदी का जायजा लिया। वहीं, डीएम ने नदी को अतिक्रमण मुक्त कराने व जीर्णोद्धार के लिए कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
पौराणिक मान्यता से जुड़ी बांसी नदी खड्डा ब्लॉक के कटाई भरपुरवा गांव के पास गंडक नदी से निकली है। विशुनपुरा, पडरौना, दुदही ब्लॉक से होते हुए सेवरही ब्लॉक के पिपराघाट के पास फिर यह नहीं बड़ी गंडक नदी में मिल जाती है। इसकी दूरी करीब 75 किमी है। बरसात में यह नदी पूरे उफान पर होती है परंतु गर्मी के दिन में सूखने लगती है। मान्यता है कि त्रेता युग में जनकपुर से लौटते समय भगवान राम ने परिवार समेत इस नदी के किनारे बांसी घाट में विश्राम किया था। इसके चलते ही हर साल कार्तिक पूर्णिमा को यह भव्य मेला भी लगता है। कटाई भरपुरवा से निकली बांसी नदी पर कई जगहों पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है। इस नदी के महत्व की जानकारी होने पर शुक्रवार की सुबह डीएम एस राजलिंगम, सीडीओ अनुज मलिक, डीडीओ शेषनाथ चौहान, डीसी मनरेगा पीपी त्रिपाठी, एसडीएम कोमल यादव, बाढ़ खंड के एक्सईएन महेश सिंह, विशुनपुरा बीडीओ आनंद प्रकाश, दुदही बीडीओ संदीप सिंह सहित तमाम अफसर बांसी घाट पर पहुंचे। डीएम ने बांसी नदी और घाट का निरीक्षण किया और मौजूद लोगों से नदी के महत्व के बारे में जानकारी ली। लोगों ने डीएम को बताया कि नदी में पर्याप्त पानी नहीं होने के कारण जगह-जगह लोगों ने इसके मार्ग पर ही कब्जा कर खेती शुरू कर दी है। डीएम ने एसडीएम पडरौना को नदी क्षेत्र की तत्काल पैमाइश कराकर अतिक्रमण मुक्त कराने का निर्देश दिया। इसके अलावा सिंचाई व बाढ़ खंड के एक्सईएन को नदी में हमेशा पानी बनाए रखने का उपाय पूछा। अभियंताओं ने बताया कि कटाई भरपुरवा में बड़ी गंडक नदी के बांध पर दो जगह फाटक लगाकर पानी का प्रबंध किया जा सकता है। इस डीएम ने स्टीमेट बनाने का निर्देश दिया। डीएम ने डीसी मनरेगा से कटाई भरपुरवा से लेकर बांसी घाट तक नदी की सफाई सहित अन्य विकास कार्य कराए जाने को लेकर स्टीमेट बनाने का निर्देश दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सांसद व मंत्री भी लिख चुके हैं पत्र
बांसी नदी की दुर्दशा पर अमर उजाला ने कई बार खबर प्रकाशित किया है। इसको संज्ञान में लेते हुए सांसद विजय कुमार दुबे और श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य भी शासन को पत्र लिखकर इस पौराणिक नदी के जीर्णोद्धार की मांग कर चुके हैं। डीएम की पहल रंग लाई तो यह पौराणिक नदी फिर से अपने मूल स्वरूप में आ जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें