पडरौना। दीपावली के नजदीक आते ही शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक मिठाइयों के बाजार में तेजी आई है। मिठाइयों की मांग को देखते हुए पूर्व की तरह इस बार भी मिलावटखोर सक्रिय हो गए हैं। हालांकि, प्रशासन की तरफ से खाद्य विभाग को टीम गठित कर अधिकारियों को जिले में अभियान चलाकर जांच करने के आदेश दिए गए हैं। इसके बावजूद धंधेबाज मिठाइयों में मिलावट कर मोटा मुनाफा कमाने की जुगत में है। ऐसे में त्योहार पर खरीदारी करने के दौरान लोगों को विशेष सर्तकर्ता बरतने की आवश्यकता है।
दिवाली पर मिठाई की बिक्री बढ़ जाती है। सभी अपने घर मिठाई ले आते हैं। खरीदारी के लिए बाजार में उमड़ी भीड़ मिलावट करने वाले धंधेबाजों के लिए कमाने का अवसर देती है। दिवाली पर मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ जाती है। इसकी गवाही खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के आंकड़े भी देते हैं। विभाग द्वारा पिछले वर्ष खाद्य पदार्थों के 27 नमूने लिए गए थे, जिन्हें जांच के लिए खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया था। इनमें से 11 नमूनों की रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि हुई थी। इन आंकड़ों से सबक लेते हुए बेहतर होगा कि इस बार दिवाली पर मिठाई की खरीदारी पूरी सावधानी के साथ की जाए। खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी मिठाइयों का बड़े पैमाने पर खुलासा किया था। खराब रिफाइंड व शीरा से सस्ती मिठाइयों को तैयार कर छोटी दुकानों पर बेंचा जा रहा था। यह भी पता लगा था कि धंधेबाज कई जगह मिठाई का कारखाना बना लिए हैं और वहां से तैयार मिठाइयों को बड़ी दुकानों पर भेज रहे हैं। लगातार कार्रवाई से कुछ दिन तक तो धंधा रुका था, लेकिन त्योहार नजदीक आते ही फिर खेल शुरू हो गया।
निजामपुर में मिलावटी मिठाई बनाने का खेल पकड़ा भी जा चुका है। छानबीन में पता लगा कि त्योहार के लिए धंधेबाजों ने जाल फैलाना शुरू कर दिया है। यही नहीं दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही जिले में मिलावट खोर सक्रिय होकर कानपुर, लखनऊ और गोरखपुर की मंडी से मिलावटी खोवा और मिठाई की खेप जिले में पहुंचाते हैं। त्योहारों पर सर्वाधिक मिलावट दूध, खोवा, घी, मक्खन, तेल, मिठाई में कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के लिए की जाती है। मिलावट खोर खाद्य पदार्थ में यूरिया, डिटर्जेंट, सोडा, स्टार्च, हाइड्रोजन पैरॉक्साइड, फॉर्मेलिन समेत कई नुकसान करने वाली चीजों की मिलावट करते हैं।
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तहसीलवार टीम गठन का विभाग ने दिया निर्देश
सहायक आयुक्त-खाद्य, द्वितीय प्रदीप कुमार राय का कहना है कि धनतेरस, दीपावली, गोवर्धनपूजा और छठ के त्योहार को देखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम पूरी तरह सक्रिय है। जिले के लोगों को शुद्ध खाद्य एवं पेय पदार्थों की उपलब्धता हो, इसके लिए विभाग की तरफ से तहसीलवार टीम का गठन कर जांच के निर्देश दे दिए गए हैं। लोगों को मिठाई समेत अन्य खाद्य पदार्थों की खरीदारी करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। पहचान और विश्वासपात्र दुकान से ही खाने-पीने के सामानों की खरीदारी करें। यदि कहीं खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका हो तो तत्काल विभाग को सूचित करें। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
मिलावटी खाद्य पदार्थ से खराब होता है पाचन तंत्र
डीएम गैस्ट्रो डॉ. प्रवीण कुमार राव का कहना है कि मिलावटी खाद्य पदार्थ खाने से पाचन क्रिया पर प्रतिकूल असर पड़ता है। फूड प्वाइजनिंग, पेट दर्द, दस्त, उल्टी, एलर्जी, स्किन रैशेज और लिवर-किडनी की बीमारियां हो सकती हैं। लंबे समय तक इनका सेवन कैंसर, हृदय रोग और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का खतरा भी बढ़ा सकता है। इसलिए लोगों को खाद्य पदार्थों के सेवन में शुद्धता पर विशेष ध्यान देना चाहिए। मिलावट की अंदेशा को देखते हुए विश्वासपात्र दुकानों से ही खरीदारी करें, ताकि खरीदे गए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता ठीक रहे।