पडरौना। जिला पंचायत सभागार में राहत आयुक्त कार्यालय एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में सर्पदंश न्यूनीकरण कार्यक्रम पर कार्यशाला का आयोजन हुआ। इसमें शामिल जिले के 50 चिकित्साधिकारियों को सर्पदंश के मामले में त्वरित निर्णय लेने और इलाज के लिए शीघ्र कदम उठाने की सलाह दी।
राहत आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी ने सर्पदंश के मामलों में त्वरित निर्णय लें व इलाज की दिशा में शीघ्र कदम उठाएं। हर सर्पदंश जानलेवा नहीं होता, लेकिन पहचान में लापरवाही घातक हो सकती है। उन्होंने रक्तस्राव, मांसपेशियों में कमजोरी व सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षणों की जानकारी दी।
इस दौरान डॉ. उमेश चंद्र यादव, डॉ. मुकेश कुमार यादव, डॉ. सुशील कुमार गौतम, डॉ. प्रशांत मल्ल, आपदा विशेषज्ञ रवि प्रताप राय आदि मौजूद रहे।