धनघटा। हैंसर ब्लाॅक क्षेत्र के रामपुर उत्तरी में चल रहे रुद्र महायज्ञ में वृंदावन धाम से पधारे सूर्य कांता महाराज ने सोमवार को शिव विवाह का प्रसंग सुनाया। जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथावाचक ने सती चरित्र, सृष्टि की रचना व शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि सती ने अपने पिता दक्ष की इच्छा के विरुद्ध भगवान शिव से विवाह किया। इससे दक्ष प्रसन्न नहीं थे। सती ने अपने पति का अपमान सहन न करते हुए यज्ञ कुंड में कूदकर प्राण त्याग दिए। जिसके बाद शिव ने दक्ष का सिर काटकर सती के वियोग में तांडव नृत्य किया। शिवपुराण में भगवान शिव और सती के बारे में कथा वाचक ने श्रद्धालुओं को बताया कि देवी सती के पिता प्रजापति दक्ष भगवान शिव को पसंद नहीं करते थे। शुरुआत में वे अपनी बेटी का विवाह शिव से नहीं करना चाहते थे, लेकिन सती के बहुत समझाने और हठ के कारण उन्होंने सती का विवाह शिव से कराया दिया।