नारायणी नदी में बैकरोलिंग के कारण एपी बांध के 13.950 से 13.980 किमी के बीच कटान का गंभीर खतरा
तमकुहीरोड। नारायणी (गंडक) नदी में बैक रोलिंग के कारण अहिरौलीदान में एपी बांध के किमी 13.950 से किमी 13.980 के बीच कटान का गंभीर खतरा बना हुआ है। पिछले कई दिनों से यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हालांकि शनिवार को गंडक में डिस्चार्ज करीब 26 हजार क्यूसेक ही रहा। इसके चलते अभियंताओं को रात में भी बचाव कार्य कराना पड़ रहा है। तटवर्ती गांव के लोग इससे सहमे हुए हैं।
शुक्रवार रात बैकरोलिंग तेज होने से बांध के पास कटान शुरू हो गया। इसकी सूचना मिलते ही निगरानी कर रहे जेई रमेशधर दुबे और जेई सुनील यादव समेत अन्य अभियंता मौके पर पहुंचे। उनकी देखरेख में जीओ बैग डालकर बचाव कार्य शुरू कराया गया, जो देर रात तक जारी रहा। शनिवार को भी रुक-रुककर कटान और बचाव कार्य चलता रहा।
ग्रामीणों के अनुसार, नदी का जलस्तर कम होने के बावजूद धारा एप्रन से सटकर बह रही है। इससे कटान का खतरा बना हुआ है। नदी कभी शांत रहती है तो कभी अचानक बैकरोलिंग शुरू होने से कटान होने लगता है।
शनिवार को गंडक नदी का डिस्चार्ज घटकर करीब 26 हजार क्यूसेक रह गया। इसके बावजूद बांध के इस हिस्से पर खतरा बरकरार है। ग्रामीण अशोक सिंह पटेल, दीनानाथ सिंह और हीरालाल यादव ने बताया कि पिछले करीब 15-20 दिनों से इस हिस्से को कटान से बचाने के लिए अभियंताओं को दिन-रात काम करना पड़ रहा है।
वर्जन
बांध के किनारे रुक-रुककर हो रहे कटान को जीओ बैग की मदद से नियंत्रित किया जा रहा है। बांध की लगातार निगरानी की जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
- दीपरतन सिंह, एसडीओ