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परिषदीय विद्यालयों में कोविड की अनदेखी

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कोरोना केस मिलने पर भी नहीं विभाग गंभीर
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मॉस्क और सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं रखा जा रहा है ख्याल
सैनीटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग पर सिर्फ पहले दिन रहा जोर
संवाद न्यूज एजेंसी
पडरौना। सोमवार को जिले के हाटा क्षेत्र के एक विद्यालय की कक्षा दो की छात्रा और देवरिया में दो छात्राएं कोरोना संक्रमित मिलीं। इसके बावजूद कोरोना संक्रमण के प्रति शिक्षा विभाग गंभीर नहीं दिख नहीं रहा है। बुधवार को जिले के कई स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग और मॉस्क पहनने को लेकर गंभीरता नहीं दिखी। इससे बच्चों में कोरोना संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका है।
डिबनी बंजरवा प्रतिनिधि के अनुसार पूर्व माध्यमिक विद्यालय लतवा मुरलीधर में कुल 190 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इसमें से बुधवार को 70 छात्र-छात्राएं ही उपस्थित मिले। प्रधानाचार्य वसीम अहमद और अनुदेशक जितेंद्र यादव पढ़ाते मिले, लेकिन कोई भी छात्र न तो सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहा था और न ही किसी के चेहरे पर मास्क था। संविलियन जूनियर हाईस्कूल डिबनी बंजरवा में खराब मौसम के बाद भी विद्यालय में नामांकित सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित मिले। प्रभारी प्रधानाध्यापक अजय शर्मा ने कहा कि 233 बच्चों का नामांकन है। विद्यालय दो पालियों में संचालित होता है। प्रथम पाली सुबह आठ बजे से 11 बजे तक संचालित होती है, जिसमें 150 बच्चे उपस्थित थे। द्वितीय पाली में 83 बच्चे उपस्थित थे। यहां भी सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क की अनिवार्यता का पालन नहीं किया गया था। प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बताया कि विभाग की तरफ से अभी पुस्तकें नहीं मिली हैं। इस बाबत बीईओ अंकिता सिंह ने बताया कि कोरोना गाइडलाइन के प्रति लापरवाही गंभीर बात है, संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पकड़ियार बाजार प्रतिनिधि के अनुसार नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को पाठ्य-पुस्तकें उपलब्ध नहीं हैं। प्राथमिक विद्यालय व उच्च प्राथमिक विद्यालय खैरटिया में कुल 187 बच्चे नामांकित हैं। तीन सहायक अध्यापक और एक शिक्षामित्र की तैनाती है। बुधवार की सुबह 11.20 बजे बच्चे पेड़ के नीचे चबूतरे पर थाली रखकर खड़े होकर भोजन कर रहे थे। पूछने पर बताया कि चटाई नहीं होने से यहां पर खड़ा होकर भोजन करना पड़ता है। प्रधानाध्यापक वीरेंद्र कुमार चौहान का कहना है कि बच्चों का हाथ सैनीटाइज कराया गया है। परिसर में मौजूद अध्यापक और बच्चों के चेहरे पर मास्क नहीं देखा गया। पाठ्य-पुस्तक के बारे में बताया गया कि अभी विभाग से उपलब्ध नहीं कराया गया है। प्राथमिक विद्यालय कलवारीपट्टी में सुबह 11.30 बजे अव्यवस्था देखने को मिली। विद्यालय में लगा हैंडपंप खराब था। बच्चे थाली लेकर पानी पीने बाहर जा रहे थे। कुछ बच्चे कमरे में ईट व भूमि पर बैठकर भोजन कर रहे थे। इस विद्यालय में 118 बच्चे नामांकित हैं। यहां पर भी पाठ्य पुस्तकें विभाग की ओर से अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई हैं। प्रधानाचार्य रविंद्र गुप्ता का कहना है कि सैनीटाइजर की व्यवस्था की गई है। बच्चे अपने पास से मास्क लाए हैं। यहां छात्र-छात्राओं की बात कौन कहे, विद्यालय में मौजूद अध्यापक भी मास्क नहीं लगाए थे। बीईओ अजय तिवारी ने बताया कि छात्र-छात्राओं में वितरित करने वाली पुस्तकें बीआरसी को मिल गई हैं। इसका मिलान भी कर लिया गया है। एक से दो दिन में सभी विद्यालयों में किताबें पहुंच जाएंगी। कोविड गाइडलाइन के पालन के प्रति सभी शिक्षकों को निर्देश दिया गया है। मास्क और सैनीटाइजर के लिए भी सभी विद्यालयों को धन उपलब्ध कराया गया है। विद्यालय संचालन के दौरान कोविड के प्रति लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
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स्कूल खुल गए, नहीं पहुंची पुस्तकें
जनपद के प्राथमिक से लगायत जूनियर तक के सभी विद्यालय खुल गए हैं। वहां पठन-पाठन भी शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक कई परिषदीय विद्यालयों में पुस्तकें नहीं पहुंची हैं। माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले जूनियर कक्षाओं के छात्रों को भी अभी तक निशुल्क पुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। प्रधानाचार्य परिषद के जिलाध्यक्ष डॉ. देवेंद्र मणि त्रिपाठी ने कहा कि विभाग की तरफ से कोई पुस्तकें नहीं मिली है। कई बार बीआरसी से संपर्क किया जा चुका है, लेकिन हर बार पुस्तकें शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन मिलता है। संवाद
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