निलंबित पर्यटन थानाध्यक्ष जितेंद्र टंडन।
- कुशीनगर में पर्यटन थानाध्यक्ष हैं जितेंद्र टंडन
- मौजूदा समय में आंबेडकर नगर के ट्रामा सेंटर में हैं भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
कुशीनगर। जिले के पर्यटन थानाध्यक्ष जितेंद्र टंडन भी देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर में हुए नरसंहार के मामले में दोषी पाए गए हैं। उन्हें निलंबित कर दिया गया है। उन पर आईजीआरएस से संबंधित शिकायत की जांच करने वाले सब इंस्पेक्टर की गलत रिपोर्ट को बिना जांचे-परखे उसे सही मानते हुए अपनी संस्तुति देने का आरोप है। वह मौजूदा समय में आंबेडकरनगर के ट्रामा सेंटर में भर्ती हैं।
जितेंद्र टंडन की वर्ष 2007 में पुलिस विभाग में भर्ती हुई थी। पूर्व में बनारस, देवरिया, बहराइच जनपदों में थानाध्यक्ष रह चुके हैं। वर्ष 2020 में रुद्रपुर के थाना प्रभारी रहे। उसके बाद कुशीनगर आने पर उन्हें पर्यटन थानाध्यक्ष के रूप में जितेंद्र टंडन एक जून 2023 को थानाध्यक्ष बनाए गए थे। दिसंबर 2020 से फरवरी 2021 तक वह रुद्रपुर के कोतवाली प्रभारी रहे।
बताया जा रहा है कि सत्यप्रकाश दुबे ने जनवरी 2021 में आईजीआरएस पर शिकायत की थी। उस मामले में तत्कालीन दरोगा ने गलत रिपोर्ट लगा दी थी। उसे सही मानते हुए तत्कालीन इंस्पेक्टर जितेंद्र टंडन ने गलत रिपोर्ट को सही मानते हुए अपनी मुहर लगा दी थी। निरीक्षक की इस लापरवाही के सामने आने पर एसपी धवल जायसवाल ने उन्हें निलंबित कर दिया है।
एसपी ने बताया कि देवरिया पुलिस अधीक्षक की तरफ से पत्र आया था। उसमें बताया गया था कि रुद्रपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव में हुए नरसंहार के मामले में पर्यटन थानाध्यक्ष दोषी पाए गए हैं। नरसंहार वाली घटना से जुड़े पीड़ित सत्यप्रकाश दुबे ने आईजीआरएस पर शिकायत की थी, जिसकी जांच एक दरोगा को मिली थी। घटना की जांच के दौरान आईजीआरएस की इस शिकायत के निस्तारण में तत्कालीन थानाध्यक्ष जितेंद्र टंडन की तरफ से लापरवाही बरतना जाना पाया गया है। इसलिए उन्हें निलंबित कर दिया गया है।