तमकुहीराज में एसडीएम को ज्ञापन देने जाते लोग। स्रोत-सोशल मीडिया
तमकुहीराज। स्थानीय सीएचसी पर प्रसूता की मौत मामले को लेकर लोगों ने मंगलवार को न्याय यात्रा निकाल कर सीएचसी अधीक्षक और महिला डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। आक्रोशित लोगों ने प्रदर्शन कर पुलिस पर कार्रवाई के बजाय जांच के नाम पर टाल-मटोल करने का आरोप लगाया। लोगों ने कहा कि पुलिस केस दर्ज कर विवेचना करे तो सच्चाई सामने आ जाएगी। हाथ में तख्ती लिए लोग डाक बंगले से प्रदर्शन व नारेबाजी करते हुए तहसील पहुंचे और एसडीएम को मांग पत्र सौंपा। कार्रवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
नगर पंचायत के वार्ड नंबर सात सरदार पटेल नगर निवासी सुप्रिया सिंह बिहार में शिक्षक थीं। उनको प्रसव पीड़ा होने पर परिजन बृहस्पतिवार को सीएचसी पर ले गए। आरोप है कि प्रसव के बाद सुप्रिया को महिला डॉक्टर की मौजूदगी में स्टाफ नर्स ने इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद सुप्रिया की तबीयत बिगड़ने लगी तो डॉक्टर व स्टाफ नर्स वहां से भाग गईं। बाद में सुप्रिया की हालत गंभीर बताकर मेडिकल कॉलेज कुशीनगर रेफर कर दिया गया। वहां लेकर जाने पर डॉक्टर ने बताया कि करीब डेढ़ घंटे पहले ही महिला की मौत हो चुकी है। इसके बाद परिजन शव को लेकर तमकुहीराज सीएचसी पर पहुंचे और हंगामा करने लगे।
सूचना पर आई पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया। दो दिन तक सीएचसी के जिम्मेदार जांच का झूठा आश्वासन देकर परिजनों को गुमराह करते रहे। कोई कार्रवाई नहीं होने पर रविवार को पुलिस को नामजद तहरीर देकर परिजनों ने शिकायत किया। केस दर्ज करने के बजाय पुलिस स्वास्थ्य विभाग से जांच रिपोर्ट आने का हवाला देते हुए टाल-मटोल करने लगी।
इससे नाराज युवाओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को नगर में न्याय यात्रा निकाल प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता अमित सिंह, अपनादल एस के क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद सिंह पटेल एवं व्यापारी नेता संजय सिंह पटेल की अगुवाई में तमकुहीराज कस्बे के लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले से न्याय यात्रा शुरू हुई। इस दौरान अंजनी सिंह पटेल, त्रिवेणी गुप्ता, बजरंगी पटेल, अवनीश पटेल, सुंदर लाल आदि मौजूद रहे।