- बायो-सीएनजी प्लांट, पर्यटन और एयर कनेक्टिविटी पर जोर, युवाओं में दिखा उत्साह
कुशीनगर। बुद्ध की धरती पर अंतरराष्ट्रीय बुद्धिस्ट कॉन्क्लेव के दूसरे दिन बुधवार को कार्यक्रमों की बहार रही। दौड़ प्रतियोगिता में युवाओं में ऊर्जा और उत्साह दिखा, वहीं निवेश और पर्यटन को लेकर हुए मंथन में जिले के विकास का खाका सामने आया। 3000 करोड़ रुपये के निवेश की बड़ी पहल सामने आई है।
कॉन्क्लेव के दूसरे दिन दिन की शुरुआत दौड़ प्रतियोगिता से हुई। नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि राकेश जायसवाल और डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रतियोगिता में युवाओं, छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने प्रतिभाग किया। आगंतुकों ने कहा कि ऐसे आयोजन स्वास्थ्य के साथ-साथ समाज में अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद महापरिनिर्वाण मंदिर स्थल पर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की संभावनाओं पर विशेष सत्र आयोजित हुआ। सत्र की अध्यक्षता विधायक मनीष जायसवाल ने की, जबकि सेवानिवृत्त आईएएस दीपक अग्रवाल सहित विशेषज्ञों ने अपने विचार व्यक्त किए। सांसद विजय कुमार दूबे ने कहा कि कुशीनगर धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से वैश्विक महत्व रखता है, जहां प्रत्येक वर्ष काफी संख्या में विदेशी पर्यटक आते हैं। क्षेत्र को खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के लिए अनुकूल बताते हुए कहा कि कृषि संसाधनों की प्रचुरता यहां उद्योग स्थापना का मजबूत आधार है। इससे किसानों की आय बढ़ेगी और रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।
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कुशीनगर में सीएनजी उत्पादन की योजना
उत्तर प्रदेश को निवेशकों का ‘इन्वेस्टर्स पैराडाइज’ बताया गया। जानकारी दी गई कि प्रदेश में पराली से बायो-सीएनजी उत्पादन की दिशा में बड़ी पहल हो रही है। भारत पेट्रोलियम और ऑयल इंडिया के सहयोग से 25 बायो-सीएनजी प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं। इस परियोजना में करीब 3000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिसमें से 1000 करोड़ रुपये की लागत से आठ प्लांट्स पर काम शुरू हो चुका है। कुशीनगर में भी बड़े स्तर पर सीएनजी उत्पादन की योजना है, जिससे हजारों घरों को गैस आपूर्ति संभव होगी। इसे स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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कुशीनगर विश्व बौद्ध धरोहर का प्रमुख केंद्र : अपर मुख्य सचिव
अपर मुख्य सचिव (पर्यटन) मुकेश मेश्राम ने कहा कि कुशीनगर विश्व बौद्ध धरोहर का प्रमुख केंद्र है और यह कॉन्क्लेव वैश्विक स्तर पर इसकी पहचान को मजबूत करने का अवसर है। डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने निवेशकों को हर संभव सहयोग का भरोसा देते हुए कहा कि जिले में आधारभूत ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, सड़क नेटवर्क और लॉजिस्टिक सुविधाएं शामिल हैं।
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सतत पर्यटन और डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन पर विचार-विमर्श
अंतिम सत्र में पैनल चर्चा के दौरान महापरिनिर्वाण स्थल को हेरिटेज के रूप में विकसित करने, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की संभावनाओं, सस्टेनेबल टूरिज्म और डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि विदेशी पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करना जरूरी है, ताकि कुशीनगर वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर मजबूत स्थान बना सके।
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बौद्ध भिक्षुओं को स्मृति चिह्न देकर किया सम्मानित:-
शांति उपवन में आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता के परिणाम भी घोषित किए गए। विभिन्न वर्गों में प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में डीएम ने नेपाल, थाईलैंड सहित विभिन्न देशों से आए बौद्ध भिक्षुओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कॉन्क्लेव ने यह संकेत दिया कि कुशीनगर अब केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि निवेश, पर्यटन और सांस्कृतिक विकास के केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।
कांक्लेव के पैनल डिस्कशन सत्र को संबोधित करते आईएएस मुकेश मेश्राम। संवाद- फोटो : अमर उजाला