हाईवे पर खड़ी गाड़ियां बन रहीं मौत की वजह
हाटा (कुशीनगर)। हाईवे पर जहां-तहां सड़क किनारे खड़े वाहन अक्सर मिल जाते हैं। दूर से पता नहीं चल पाता है कि वाहन चल रहा है कि रुका हुआ है। करीब जाने पर जब तक इसकी जानकारी हो। तब तक हादसा हो जाता है। हाईवे के किनारे खड़े होने वाले वाहनों की रोकथाम के लिए एनएचआई की तरफ से पुलिस अधिकारियों के पत्र लिखे गए थे। लेकिन, इसका कोई असर नहीं हुआ। सोमवार रात हाटा में हुई दुर्घटना के बाद पुलिस-प्रशासन की नींद खुली है।
सोमवार रात बिहार से लुधियाना जा रही बस हाटा में सड़क पर खड़े एक ट्रक से भिड़ गई। इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि पचास लोग घायल हो गए। इस घटना के बाद सामने आया कि जिस ट्रक से टक्कर हुई इसमें बालू लदा हुआ था। वह गलत तरीके से ही सड़क किनारे खड़ा था। इसका बस चालक अनुमान नहीं लगा पाया। वह जब तक ब्रेक लगाता तब दुर्घटना हो चुकी थी। हाईवे पर चलने वाले मालवाहक ट्रक हों या अन्य कोई वाहन चालक की लापरवाही से दुर्घटना का कारण भी बन रहे हैं।
कसया से गोरखपुर हाईवे पर कार्रवाई न होने से चौबीस घंटे सड़क के दोनों तरफ ट्रक समेत अन्य भारी वाहनों का रेला लगा रहता है। सड़क किनारे चालक अपने वाहन रात में बेतरतीब खड़ा कर देते हैं, जो अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। इन घटनाओं में लोगों की जान भी बड़ी संख्या में जा रही है।
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एनएचआई की पेट्रोलिंग टीम भी नहीं देती ध्यान
हाटा। कहने को तो पुलिस-प्रशासन के साथ एनएचआई की जिम्मेदारी है कि नियमित पेट्रोलिंग कर हाईवे किनारे वाहनों के खड़े होने पर रोक लगाएं। लेकिन, वह कभी कभार ही दिखाई देते हैं। हाईवे किनारे ट्रक चालक लापरवाही से वाहन खड़ा कर देते हैं। इन वाहनों में न तो पार्किंग लाइट जलाई जाती है और न ही रेडियम संकेत होते हैं। हादसा होने का कारण भी यह भी है। सबसे ज्यादा बड़े वाहन ढाबों के सामने खड़े नजर आते हैं। रात व दिन यहां वाहन एक के पीछे एक खड़े रहते हैं। इससे हादसे की आशंका बनी रहती है।