पडरौना। किताबी ज्ञान जब धरातल के अनुभवों से मिलता है, तो सीखने की प्रक्रिया जीवंत हो उठती है। कुछ ऐसा ही नजारा मंगलवार को बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली कुशीनगर में देखने को मिला, जहां देवरिया और गोरखपुर जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं का हुजूम एक्सपोजर विजिट (भ्रमण कार्यक्रम) के लिए उमड़ पड़ा।
यहां छात्राओं के चेहरे पर जिज्ञासा और उत्साह की चमक साफ देखी जा सकती थी। इनके उत्साह व सैलाब से बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली केवल आस्था का केंद्र नहीं बल्कि छात्राओं के लिए एक जीवंत पाठशाला के रूप में नजर आई। वही, यहां के बुद्ध से जुड़े प्रमुख दर्शनीय स्थलों व पुरातत्व धरोहरों को देखकर उनके चेहरे पर मुस्कान दिखाई दी।
कुशीनगर में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं का हुजूम एक्सपोजर विजिट के तहत पहुंचा रहा है। इस क्रम में मंगलवार को देवरिया जिले के पथरदेवा ब्लॉक की एक और गोरखपुर जिले के पांच कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं का सैलाब कुशीनगर पहुंचा।
यहां भ्रमण के दौरान छात्राओं ने मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में पांचवी शताब्दी बुद्ध की 6.1 मीटर लंबी शयन मुद्रा में प्रतिमा देखकर छात्राएं बोलीं, क्या बुद्ध सो रहे हैं, छात्राओं की यह बात सुनकर मौजूद शिक्षिकाओं को भी हंसने के लिए मजबूर कर दिया।
गाइड डा.अभय राय ने जब बताया कि यह प्रतिमा बुद्ध के महापरिनिर्वाण (अंतिम विश्राम) को दर्शाती है,तो छात्राओं की आंखों में श्रद्धा और आश्चर्य का मिला-जुला भाव दिखाई दिया। लाल बलुआ पत्थर से बनी बुद्ध की विशाल प्रतिमा की चमक और उस पर चढ़ी सुनहरी चादर ने बच्चों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रतिमा के चारों तरफ घूमकर बारीकियों को निहारती रहीं और अपनी कापी में इतिहास को अंकित भी किया। इसके अलावा छात्राओं ने रामाभार स्तूप, मांथा कुंवर मंदिर, राजकीय बौद्ध संग्रहालय, वर्मी मंदिर, थाई मंदिर सहित बौद्ध कालीन हिरण्यवती नदी के बुद्धा घाट का भ्रमण कर ऐतिहासिकता,प्राचीनता व पुरातात्विक महत्व से संबंधित जानकारी हासिल की।