पडरौना। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्र का नाम और फोटो लगी फेक आईडी से साइबर ठग अलग अलग तरीकों से लोगों का हालचाल पूछते हुए पैसे की ठगी करने की कोशिश रहे हैं। मामले की जांच में साइबर सेल जुट गई है। लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। फेसबुक के बारे में जानकारी न रखने वाले लोग सहज ही पुलिस अधीक्षक की आईडी समझ रहे हैं। खाकी वाले फोटो देख तुरंत फ्रेंड रिक्वेस्ट भी भेज रहे हैं और तुरंत यह फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार भी हो जा रहा है। साइबर ठगों के इस तरीकों के बाद पुलिस अधीक्षक ने बताया कि लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है।
मेरे नाम से फेसबुक पर एक आईडी और एक पेज है। हिंदी नाम से बनी कोई आईडी चलन में नहीं है। वहीं जिले में प्रतिदिन किसी न किसी इलाके से लोग यह पोस्ट करते नजर आते हैं कि उनके फोटो और नाम से साइबर ठग ने आईडी बना ली है, कृपया पैसे न भेजें। साइबर ठगों द्वारा सोशल मीडिया पर सक्रिय आम लोगों से ठगी करने की कोशिश की जाती है। प्रतिदिन औसतन 10 लोगों की आईडी हैक हो रही है। इसमें अब जिले के पुलिस कप्तान का भी फोटो और नाम से आईडी बनाकर हाल चाल को ढाल बनाकर पैसों का प्रस्ताव रखना शुरू किया है।
हिंदी नाम से बने आईडी को देख लोग फेसबुक पर एसपी संतोष कुमार मिश्र को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज रहे हैं और तुरंत यह स्वीकार भी हो जा रहा है। जिले के संभ्रांत लोगों को एसपी के फेक आईडी द्वारा खुद सामने से रिक्वेस्ट भेजा जा रहा है। लोग तुरंत एक्सेप्ट कर रहे हैं, जिसके बाद सामने से हेलो..कैसे हो और परेशानियां दिखा पैसों की मांग की जा रही है। दूसरी ओर आम लोगों में तो प्रतिदिन सोशल मीडिया पर अलग अलग इलाकों से दो दर्जन से अधिक लोग यह पोस्ट करते दिखते हैं कि उनकी आईडी साइबर ठगों द्वारा हैक कर ली गई है।
एसपी संतोष कुमार मिश्र ने कहा कि फेक आईडी के बारे में जानकारी है, साइबर सेल इसकी जांच कर रही है। फेसबुक पर मेरे नाम से एक आईडी और एक पेज ही है। इसके अलावा कुशीनगर पुलिस का अपना पीआरओ सेल, कुशीनगर पुलिस नाम से एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर एकाउंट है। किसी भी आईडी की प्रमाणिकता के बाद ही बातें करें, स्थानीय पुलिस को जरूर सूचना दें।