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खड्डा चीनी मिल में विधि-विधान से शुरू हुई पेराई

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खड्डा चीनी मिल में विधि-विधान से शुरू हुई पेराई
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खड्डा। इंडियन पोटाश लिमिटेड की खड्डा इकाई में शुक्रवार को गन्ना पेराई सत्र शुरू हो गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अतिथियों ने डोंगा में गन्ना डाला और स्विच दबाकर इसकी शुरुआत की। मिल प्रबंधन ने सबसे पहले गन्ना लाने वाले गाड़ीवान को सम्मानित किया। इस मिल को 40.95 लाख क्विंटल गन्ना आवंटित किया गया है।
प्रधान प्रबंधक कुलदीप सिंह ने चीनी मिल की मशीनों का विधि-विधान से पूजन किया। उसके बाद सांसद विजय दुबे, विधायक जटाशंकर त्रिपाठी, एसडीएम अरविंद कुमार, भाजपा नेता डा. निलेश मिश्र, गन्ना विकास समिति के अध्यक्ष श्रीकिशुन यादव आदि ने मिल के डोंगे में गन्ना डालकर गन्ना पेराई सत्र का आगाज किया। लक्ष्मीपुर पड़रहवा निवासी गाड़ीवान वीरेंद्र व अमर की बैलगाड़ी व ट्रैक्टर-ट्राली पर लादे गए गन्ने को तौलने से पहले बैलों की पूजा व किसान को तिलक लगाकर उपहार दिया गया।
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इस दौरान पूर्व विधायक दीपलाल भारती, संतोष दूबे, पूर्व चेयरमैन मिठाई यादव, हरी सिंह, दिलीप सिंह, आलोक तिवारी, प्रद्युम्न तिवारी, अवनींद्र गुप्ता, दयानिधि मणि, अनुराग तिवारी, दिग्विजय पांडेय, प्रहलाद तिवारी, भगवती पांडेय, फुलबदन कुशवाहा, मुन्ना सिंह, विवेकानंद पांडेय, दिलीप सिंह, सीपी सिंह, चंद्रप्रकाश तिवारी, रामसहाय दूबे, बृजेश मिश्र, महेंद्र पांडेय, संतोष तिवारी, विरेंद्र सिंह, गुड्डु सिंह, अवनिन्द्र गुप्ता, पवन राव, आनंद सिंह, निखिल उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
पिछले साल 25.11 लाख क्विंटल गन्ने की हुई थी पेराई
गन्ना प्रबंधक सुधीर कुमार ने बताया कि इस वर्ष मिल को 40.95 लाख क्विंटल गन्ना आवंटित किया गया है। पिछले सत्र में 163 में 25.11 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई थी। उन्होंने गन्ना किसानों से अपील है कि साफ सुथरा व ताजा गन्ना मिल पर लेकर आएं, जिससे तौल में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
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सूखे गन्ना का मिले मुआवजा
भाजपा नेता व किसान महेंद्र पांडेय व अन्य किसानों ने सांसद विजय कुमार दूबे और विधायक जटाशंकर त्रिपाठी के समक्ष गन्ना सूखने से हुए नुकसान का मामला उठाते हुए सरकार से मदद दिलाने की मांग की। किसानों ने कहा कि गन्ना खेतों में सूख गया है। फसल अवशेष जलाने पर सरकार ने रोक लगा दी है। ऐसी स्थिति में किसानों के सामने गंभीर संकट आ गया है। सरकार किसानों की आर्थिक मदद करें। सूखे गन्ने का सर्वे कराकर क्षतिपूर्ति दिया जाए।
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