सड़क हादसे में सोनू यादव की मौत हो गई। उनकी शादी नवंबर में थी। इसके लिए घर में तैयारी चल रही थी। सोनू ठेकेदारी का काम करता था। उसकी मौत की सूचना मिलते ही बिहार के 100 से अधिक लोगों ने सोशल साइट पर दुख प्रकट किया। उसमें लिखा कि वह समाजसेवी के रूप में लोगों की सेवा करते थे। क्षेत्र के लोग उनको सदैव याद रखेंगे।
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राइस मिल चलाता था रोशन
रोशन राइस मिल चलाकर परिवार का खर्च चलाता था। उसकी शादी 10 वर्ष पूर्व हुई थी। तीन बच्चे हैं। वह अपने बड़े बेटे को डाॅक्टर बनाना चाहता था। दूसरे को पुलिस विभाग में तीसरे को वकील बनाना चाहता था। उसकी पत्नी रो-रोकर कह रही थी कि अब उनका सहारा कौन बनेगा।
पेक्स का अध्यक्ष था नईम
नईम पेक्स समिति का अध्यक्ष था। वह किसानों से धान व गेहूं की खरीदारी करता था। प्रकाश ने बताया कि वह पहले भोजन कर लिया था। बोलेरो में बैठने से गैस की समस्या हो गई थी। इसीलिए वह ढाबे पर एक रोटी व कोल्डड्रिंक लिया था।
चारों दोस्त एक साथ ही कहीं जाते थे
पोस्टमार्टम हाउस पर आए लोगों ने बताया कि क्षेत्र में इन चारों दोस्तों की मिसाल लोग देते थे। कुछ भी हो ये चारों एक साथ रहते थे। सड़क हादसे में तीन दोस्तों की मौत हो गई। इससे तीनों के गांव में रविवार की शाम भोजन नहीं बना।
प्रकाश बोला, हम क्यों बच गए, साथ में हम भी मर गए रहते
चारों दोस्तों के साथ गए प्रकाश को खरोंच तक नहीं आई। उसके सामने तीनों दोस्तों के शव पड़े रहे। वह सदमे से बाहर नहीं आ रहा था। वह पोस्टमार्टम के समय कह रहा था कि हम भी दोस्तों के साथ चले गए रहते। हम किससे बातें करेंगे। यह घटना जिंदगी भर सालती रहेगी।