पडरौना। पश्चिमी एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच घरेलू गैस वितरण को लेकर जारी किए गए दिशा-निर्देश से उपभोक्ताओं को परेशानी बढ़ी हुई हैं। शहरी उपभोक्ताओं को 25 दिन व ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिन लाक इन पीरियड तय किया गया है। एक ही जिले के उपभोक्ताओं को दो वर्गों में बांटकर बेहतर रसोई गैस की आपूर्ति किए जाने का दावा किया जा रहा है, लेकिन गैस एजेंसियों से लेकर उपभोक्ता तक नए नियम से परेशान हैं।
जिम्मेदारों का कहना है कि गैस आपूर्ति को लेकर आए संकट के चलते मंत्रालय से जारी हुए नियम का अनुपालन हो रहा है। वहीं, ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि सिलिंडर आपूर्ति को लेकर जो नया नियम लागू किया गया है, वह व्यावहारिक नहीं है। नए नियम से ग्रामीण उपभोक्ता ही परेशान होंगे।
सरकार को नए नियम में बदलाव कर लाॅक इन पीरियड के समय को पहले की तरह 25 या 21 दिन ही करने की जरूरत है। ऐसा निर्णय नहीं लिया गया तो उनके यहां चूल्हे जलने बंद हो जाएंगे, जबकि नए नियम में शहरी उपभोक्ताओं को 25 दिन व ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिन लाक इन पीरियड तय किया गया है।