प्रेसवार्ता करते पूर्व केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह।
पडरौना। कांग्रेस और इंडी गठबंधन की नजर अब आम जनता की कमाई पर है। कांग्रेस के शहज़ादे का कहना है कि उनकी सरकार आई तो कौन कितना कमाता है, किसके पास कितनी प्रॉपर्टी है, उनको सरकार अपने कब्जे में लेकर सबको बांट देगी। यही उनका मेनिफेस्टो भी कह रहा है। हमारी माताओं-बहनों का स्त्रीधन, जिसे पवित्र माना जाता है। कानून भी उसकी रक्षा करता है। अब उनकी संपत्ति छीनने की भी इंडी गठबंधन कोशिश कर रहा है। जनता का धन और देश की संपत्ति को लूटना कांग्रेस अपना जन्मसिद्ध अधिकार समझती है।
ये बातें राज्यसभा सांसद आरपीएन सिंह ने कहीं। वे बुधवार को अपने कैम्प कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बाबा साहब आंबेडकर के नेतृत्व में यह तय किया गया था कि भारत में धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होगा। आरक्षण होगा तो दलित, आदिवासियों के नाम पर होगा। लेकिन वोट बैंक की भूखी कांग्रेस ने इन महापुरुषों की परवाह नहीं की। बाबा साहब के शब्दों की परवाह नहीं की। कांग्रेस ने बहुत पहले आंध्र प्रदेश में धर्म के आधार पर आरक्षण देने का प्रयास किया। इन लोगों ने धर्म के आधार पर 15 प्रतिशत आरक्षण की बात कही और ये भी कहा कि एससी-एसटी और ओबीसी का जो कोटा है, उसी में से कम करके धर्म के आधार पर कुछ लोगों को आरक्षण दिया जाएगा। 2009 में कांग्रेस ने यही इरादा भी जताया था। 2014 के घोषणापत्र में भी कहा कि इसे नहीं छोड़ेंगे। 2014 में भाजपा की सरकार आई तो हमने संविधान के विरुद्ध और बाबा साहब के निर्णय के विरुद्ध, जो निर्णय हुआ था, उसके अनुसार कांग्रेस के निर्णय को उखाड़ फेंका और दलितों, पिछड़ों को दिया। 60 के दशक से ही कांग्रेस तुष्टिकरण राजनीति के बल पर चुनाव जीतने का हथियार बना रखी है। देश की जनता इन्हें कभी माफ नहीं करेगी