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Kushinagar News: जनपद में संचारी रोग नियंत्रण अभियान, मेडिकल कॉलेज में सफाई व्यवस्था ध्वस्त

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मेडिकल कॉलेज परिसर में कूड़े-कचरे की लगी ढेर। 
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- स्वच्छता की अलख जगाने वाले ही गंदगी से घिरे, कचरे और गंदे पानी से खतरा
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- मेडिकल कॉलेज परिसर में गंदगी का अंबार, खुले नाले से आ रही दुर्गंध
- करोड़ों की आठ मंजिल की नई बिल्डिंग के सामने ही बह रहा गंदा पानी
- सीढ़ी की दीवार पर पान की पीकें, दीवारों तक सिमटी कार्रवाई
पडरौना। जिले में एक अक्तूबर से चलाए जा रहे ''संचारी रोग नियंत्रण अभियान'' का मेडिकल कॉलेज में कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है। यहां साफ-सफाई का अभाव है। परिसर में गंदगी व कूड़े का ढेर लगा हुआ है। खुले में ही गंदा पानी बह रहा है। इतना ही नहीं अस्पताल के अंदर दीवारों पर पान, गुटखा और तंबाकू के पीक (छीटें) पड़े हैं।
जनपद में संचारी रोगों को नियंत्रित करने और साफ-सफाई को बढ़ावा देने के लिए संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन मेडिकल कॉलेज परिसर में ही सफाई व्यवस्था बदहाल पड़ी हुई है। परिसर में पान-मसाले और तंबाकू के सेवन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है और जगह-जगह नियम तोड़ने पर जुर्माने की कार्रवाई की चेतावनी के पोस्टर लगाए गए हैं। इसके बावजूद जगह-जगह पान और गुटखे के पीक पड़े हैं। बताया जा रहा है कि गुटखा खाकर थूकने के मामले में अब तक किसी पर भी कार्रवाई नहीं की गई है। ऐसा करने वाले लोगों को सिर्फ तैनात गार्ड डांट-फटकार लगाकर छोड़ देते हैं।
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शनिवार को मेडिकल कॉलेज की साफ-सफाई व्यवस्था की पड़ताल में यह तस्वीर सामने आई। महिला अस्पताल (एमसीएच विंग) के चहारदीवारी से सटे जल निकासी के लिए बनी नाली से खुले में गंदा पानी बह रहा था और सफाई के अभाव में वहां कचरे की ढेर लगी हुई थी। हालांकि मौसम साफ होने के चलते महिला अस्पताल के बाहर लगने वाला गंदा पानी नहीं रहा। यही हाल मेडिकल कॉलेज के पुरानी बिल्डिंग के बाहर जल निकासी के लिए बनी नाली की सफाई नहीं हुई मिली। गंदे पानी के साथ सफाई के अभाव में नाली में भरा कचरा बजबजा रहा था।
वहां पास में खड़े तीमारदार संतोष सिंह, मनोज मिश्र ,राम कोमल तिवारी, सुनील प्रजापति, हरिकेश सिंह, सत्येंद्र पांडेय, बीरबल प्रसाद का कहना था कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन बेहतर सफाई व्यवस्था करने की जरूरत है। कहा कि इससे संक्रामक बीमारियां फैल सकती हैं।
वहीं करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई नई बिल्डिंग के सामने ही जलनिकासी के अभाव में गंदा पानी बहता हुआ मिला। हालात यह है कि गंभीर मरीजों को अस्पताल में ले जाने के लिए बने रैंप के पास ही पाइप से गंदा पानी गिर रहा है। इससे मरीजों व तीमारदारों को दिक्कत हो रही है लेकिन जिम्मेदार बेपरवाह बने हुए हैं। यही नहीं परिसर के अंदर ही दक्षिण तरफ कूड़े की ढेर लगाई जा रही है। जहां से लगातार लोगों की आवाजाही बनी हुई है। दुर्गंध फैल रही है। यानी बाहर से लेकर अंदर तक साफ-सफाई का अभाव और गंदगी फैली हुई है।
तीमारदारों ने कहा:-
सरकारी अभियान केवल कागजों में ही चलाए जा रहे हैं। धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तरफ से सफाई का इंतजाम ठीक नहीं है। प्रवेश द्वार से लेकर अंदर तक गंदगी व बदइंतजामी है। मरीजों व तीमारदारों को परेशानी हो रही है। बेहतर सफाई बंदोबस्त होना चाहिए।
-रामनाथ भारती, तमकुहीराज
मेडिकल कॉलेज परिसर में हर जगह-जगह खुले में गंदा पानी बह रहा है। इससे संक्रामक बीमारियां फैल सकतीं हैं। महिला अस्पताल के सामने से लेकर परिसर में जगह-जगह कूड़े की ढेर लगी हुई है। इसके उठान व चिह्नित स्थल पर पहुंचाए जाने का बेहतर प्रबंध होना चाहिए।
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-शारदा यादव, गाजीपुर
कोट:-
जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के चलते गंदा पानी अभी नई बिल्डिंग के बाहर खुले में बह रहा है। इसमें सुधार होने अभी कई महीने लगने की उम्मीद है। साफ-सफाई व मेडिकल कचरे के निस्तारण की जिम्मेदारी अलग-अलग प्राइवेट एजेंसियां करती हैं। उनके कार्यों का समय-समय पर निगरानी कर जरूरी निर्देश दिए जाते हैं।
- डॉ. दिलीप कुमार, सीएमएस,मेडिकल कॉलेज कुशीनगर
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