पडरौना। मेडिकल कॉलेज से गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज रेफर हुई गर्भवती महिला को एक दलाल बेहतर इलाज का झांसा देकर शहर के एक निजी अस्पताल में पहुंचाया दिया। यहां पर महिला को खून की कमी बताकर प्लेटलेट्स चढ़ाया गया, हालत बिगड़ने पर कसया के एक निजी अस्पताल में भेजा गया, जहां डॉक्टर ने महिला का ऑपरेशन किया और बच्चा पैदा हुआ। इसके बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी तो आनन-फानन में गोरखपुर के सावित्री नर्सिंग होम में लेकर जाने को कहा। वहां जाने पर इलाज के बाद डॉक्टरों ने संक्रमित खून चढ़ाने से शरीर के कई पार्ट में इंफेक्शन होने की बात कही और लखनऊ सहारा अस्पताल में रेफर कर दिया, नौ दिन तक इलाज के बाद महिला की मौत हो गई। इसके इलाज में कसया और पडरौना के निजी अस्पताल संचालकों ने पांच लाख से अधिक रुपये ले लिया है।
नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के पिपरा वर सिवान निवासी महबूब आलम की पत्नी हीना खातून गर्भवती थी। प्रसव पीड़ा होने पर उसको परिजन 4 सितंबर 2024 को मेडिकल कॉलेज लेकर आए। जांच के बाद हालत गंभीर बताकर डॉक्टर ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। आरोप है कि अस्पताल से बाहर निकल कर एंबुलेंस की तलाश कर रहे थे कि एक व्यक्ति पहुंचा और बताया कि मुझे किशन कुशवाहा ने भेजा है मैं एमएस अस्पताल सोहरौना से आया हूं। वह अपने एंबुलेंस से हीना को लेकर एमएस अस्पताल पर चला गया। यहां आने के बाद डॉ. राजन सिंह ने बताया कि प्लेटलेट्स चढ़ाना पड़ेगा। इसके बाद कसया के बुद्धा चैरिटेबल ब्लड बैंक कसया पर एक पर्ची देकर डॉक्टर ने भेजा। वहां से प्लेटलेट्स लाने के बाद हीना को चढ़ाया गया, तबीयत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टर ने अपने एंबुलेंस से कसया के एमएसपी मेमोरियल हॉस्पिटल पर भेज दिए। वहां जाने के बाद डॉ. गिरीश सिंह बघेल आए और जच्चा-बच्चा की हालत नाजुक बताते हुए ऑपरेशन करने की बात कही। ऑपरेशन करने के बाद महिला ने बच्चे को जन्म दिया। कुछ देर बाद तबीयत बिगड़ने पर यहां पर भी खून चढ़ाया गया। बाद में डॉक्टर गोरखपुर सावित्री नर्सिंग होम रेफर कर दिया। वहां लेकर मरीज को गए, जहां इलाज के बाद भी आराम नहीं मिला। वहां से लखनऊ के सहारा अस्पताल में डॉक्टर ने ले जाने का सुझाव दिया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि संक्रमित प्लेटलेट्स चढ़ाने से महिला की तबीयत गंभीर हो गई। नौ दिन इलाज के बाद उसकी लखनऊ के सहारा अस्पताल में मौत हो गई। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने रविंद्रनगर धूस पुलिस ने किशन कुशवाहा, डॉ. राजन सिंह, डॉ. राजकुमार कुशवाहा, डॉ. गिरीश सिंह बघेल,नर्स व एक डॉक्टर का नाम पता अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। रविंद्र नगर थानाध्यक्ष शरद भारती ने बताया कि कोर्ट के आदेश के पर केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है। इसमें डॉ. गिरीश सिंह की मौत हो चुकी है, इनका अस्पताल भी बंद है।
एमएस हॉस्पिटल संचालक नीरज सिंह ने कहा कि मेरे कार्यकाल में हीना नाम की महिला का कोई इलाज नहीं हुआ है, जो भी आरोप लगे हैं निराधार है। कोर्ट के आदेश पर केस दर्ज हुआ है। पुलिस की विवेचना में मदद करूंगा। यह एक साजिश है।