पडरौना। परीक्षा देकर परीक्षा केंद्र से बाहर निकलने वाले परीक्षार्थियों ने हिंदी विषय का प्रश्नपत्र होने के नाते सरल बता रहे थे, लेकिन संस्कृत में श्लोक का हिंदी अनुवाद, वस्तुनिष्ठ प्रश्न, गद्यांश का अर्थ, हिंदी साहित्य की रचना की विधा आदि के प्रश्न में परीक्षार्थी उलझे रहे। हालांकि सभी परीक्षार्थी परीक्षा के बाद आत्मविश्वास से भरे दिखे।
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प्रश्न पत्र 100 अंकों का था। प्रश्न पत्र में संस्कृत का हिस्सा कठिन था। उसमें प्रश्न हल करने में कुछ दिक्कत हुई। कठिनाई स्तर अन्य प्रश्नों से ऊंचा था।
- संजना राय, परीक्षार्थी।
संस्कृत श्लोक का हिंदी अनुवाद करने में परेशानी हुई। कुछ समझ में नहीं आ रहा था। अन्य सभी प्रश्न ठीक थे।
- रागिनी मद्धेशिया, परीक्षार्थी।
हिंदी का प्रश्न पत्र काफी सरल था, लेकिन कुछ बहुविकल्पीय प्रश्न के सटीक व सही उत्तर का पता नहीं था। उसमें उलझन हुई।
- अदिति पांडेय, परीक्षार्थी।
प्रश्न पत्र में हिंदी गद्यांश का संदर्भ सहित व्याख्या करने में दिक्कत हुई। गद्यांश की सही जानकारी न होने से हुई। हालांकि, विकल्प का प्रश्न सही थे।
- नैना सोनकर, परीक्षार्थी।
हिंदी का प्रश्न पत्र सरल व सहज था। कोई प्रश्न कठिन नहीं था। निर्धारित समय में सभी प्रश्नों का उत्तर दिया है। अधिकतम अंक मिलने की उम्मीद है।
- विनिशा पासवान, परीक्षार्थी।