पडरौना। बजट में मुख्यमंत्री पर्यटन विकास योजना से बुद्धिस्ट सर्किट के कुशीनगर के अलावा जैन और अन्य धार्मिक स्थलों के विकास की उम्मीद जग गई है।
पर्यटन विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री पर्यटन विकास योजना के तहत बजट में बुद्धिस्ट सर्किट के अलावा जिले के जैन तीर्थ स्थल पावानगर व देवी-देवताओं के मंदिरों व प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को चमकाने के लिए प्रावधान होता रहा है। इसमें भी इन स्थलों के विकास को तरजीह दी गई है।
उप निदेशक पर्यटन राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि हर साल पेश बजट में बुद्धिस्ट सर्किट सहित अन्य धार्मिक स्थलों के विकसित करने के लिए प्रावधान होता रहा है। इसमें भी बुद्धिस्ट स्थलों के विकास व चमकाने के लिए जगह दिया गया होगा। पेश बजट में बुद्धिस्ट सर्किट सहित दूसरे धार्मिक स्थलों के विकास के लिए जो रकम का प्रावधान किया गया होगा,उसके बारे में विभाग को जल्द ही जानकारी मिल जाएगी।
इसको लेकर कुशीनगर के लोगों का कहना है कि बुद्ध से जुड़े प्रमुख चार तीर्थ स्थलों से कुशीनगर विश्व विख्यात है। यहां लाखों की संख्या में हर वर्ष बौद्ध सहित अन्य धर्मानुयायी आते हैं। यहां के विकास के लिए बजट में प्रावधान किए जाने से आकर्षण बढ़ेगा, पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने के साथ उनकी आमदनी बढ़ेगी।
कुशीनगर में पर्यटन व्यवसाय से जुड़े वीरेंद्र कुमार तिवारी, प्रभुनाथ सिंह, राम आधार यादव, योगेंद्र चौरसिया, होटल व्यवयासी ओमप्रकाश जायसवाल, पंकज कुमार, शबनम, रवि गुप्ता, पप्पू राजभर, राकेश सिंह, रामध्यान सिंह, सत्यप्रकाश राजभर के अलावा बौद्ध भिक्षुओं व अनुयायियों ने कहा कि अधूरे पड़े पर्यटन विकास के कार्यों को बजट में हुए प्रावधान से गति मिलेगी। जल्द पूरे होंगे और लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करेंगे।