बिना यूनिफार्म इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर को चेतावनी देते मेडिकल कालेज के प्रचार्य । स्रोत, सोशल
कुशीनगर। मेडिकल कॉलेज से दलालों का नेटवर्क नहीं टूट रहा है। मंगलवार को प्राचार्य डॉ. आरके शाही निरीक्षण के लिए निकले तो कैंपस में छह निजी अस्पतालों के एंबुलेंस खड़े मिले। इस पर प्राचार्य नाराज हो गए और एक एंबुलेंस का ठंडा मारकर शीशा तोड़ दिए। इसके बाद चालक एंबुलेंस लेकर भाग निकले। एक दिन पूर्व किए गए निरीक्षण में अनुपस्थित दो स्वास्थ्यकर्मियों का वेतन रोक दिया।
मेडिकल कॉलेज में दलालों और प्राचार्य के बीच पूर्व में कई बार आमना-सामना हो चुका है। बावजूद दलालों का नेटवर्क नहीं टूट रहा है। बीच में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से दलालों का फोटो भी चस्पा करा दिया गया था लेकिन 24 घंटे के अंदर उसे हटा दिया गया। दिन में 12 बजे प्राचार्य मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंचे।
इसके बाद वह इमरजेंसी में पहुंचे तथा वहां मौजूद लोगों से जानकारी लेने के बाद सभी स्वास्थ्यकर्मियों को यूनिफार्म में रहने के निर्देश दिए। इसके बाद वह एमसीएच विंग की तरफ गए। वहां खड़ी एक निजी अस्पताल के एंबुलेंस का डंडे से मारकर सामने और बगल का शीशा तोड़ दिया। इसके बाद कैंपस में मौजूद छह निजी एंबुलेंस लेकर चालक भाग निकले। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से कहा कि दलालों को अगर किसी ने बढ़ावा दिया तो खैर नहीं है। उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी।
ड्यूटी पर तैनात गार्डों को चेतावनी देते हुए कहा कि कैंपस के अंदर काई भी निजी अस्पताल का एंबुलेंस खड़ा नहीं होना चाहिए। प्राचार्य डॉ. आरके शाही ने बताया कि छह एंबुलेंस कैंपस में निजी अस्पतालों की मिलीं। एक का शीशा तोड़ दिया गया। बाकी लेकर भाग गए। दलालों को प्रश्रय देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों पर भी कार्रवाई की जाएगी।