पडरौना। आधी रात को कृत्रिम रूप से बनाई गई गौशाला में यीशु के जन्म लेते ही हैप्पी क्रिसमस, मेरी क्रिसमस की गूंज होने लगी। विशेष प्रार्थना सभा (मिस्सा) कर सुख शांति की कामना की गई। बाईबल का पवित्र संदेश ‘आज दाउद के नगर बैतलहम में तुम्हारे लिए एक उद्धारकर्ता जन्मा है यही मसीह प्रभु है’ सुनाया गया। सांता क्लॉज बने क्रिसमस फ्रेेंड्स ने उपहार और आशीर्वाद दिए।
नगर से सटे भटवलिया और परसौनी कला स्थित मसीही कलीसिया बेरुआ चर्च सहित जिले के सभी गिरिजाघरों में मंगलवार की रात 12 बजे प्रभु यीशु के जन्म के साथ ही मेरी क्रिसमस गूंज उठा। ईसाई समुदाय के लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। इस मौके पर प्रभु यीशु और मरियम की भव्य झांकी सजाई गई। वहीं चर्चों को फूल एवं गुब्बारों से सजाया गया था। क्रिसमस ट्री को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे बच्चों में काफी उत्साह रहा। इस मौके पर जिले के सभी गिरिजाघरों को झालरों से दुल्हन की तरह सजाया गया। पास्टर अमूल्या मसी और फादर टोबिन ने बताया कि प्रभु यीशु के जन्म के साथ ही क्रिसमस डे मनाने में लोग जुट गए। बच्चों में काफी उत्साह रहा।
छितौनी प्रतिनिधि के अनुसार क्रिसमस डे की पूर्व संध्या पर मंगलवार को बेलवनिया स्थित ज्ञानोदय विद्यालय में चर्च को सजाया गया। वहां के दीनबंधु आश्रम, चर्च व ज्ञानोदय इंटर कॉलेज में भी क्रिसमस को लेकर तैयारियां की गई। प्रार्थना सभागार तथा जन्मदिन की तैयारी की गई। फादर बैजू ने बताया कि क्रिसमस की पूर्व संध्या 24 दिसंबर को क्रिसमस दिवस से पहले पूरा दिन या शाम होती है, जो यीशु के जन्म का जश्न मनाने वाला त्योहार है। उपहारों की शुरुआत, कुकीज और क्रिसमस की परंपराएं क्रिसमस की पूर्वसंध्या को जादुई रात बनाती है। इस दौरान रोस, एरिन, स्टेला, अत्तर लाल वट्टी, नेली मिंज, अंजना, ज्वास ब्राऊन, अलमा आदि मौजूद रहे।
मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद
मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद