जलस्तर बढने से बंद पड़ा भैसहा घाट का पीपा पुल ।
- फोटो : चांदा के कोइरीपुर में श्रीराम जन्मोत्सव पर निकली शोभायात्रा।
खड्डा। गंडक नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि होने से भैंसहा घाट पीपा पुल से चार दिन बाद भी आवागमन शुरू नहीं हो सका है। इससे खड्डा व निचलौल तहसील क्षेत्र के करीब 50 हजार आबादी प्रभावित है। मार्च में दूसरी बार यह व्यवधान हुआ है।
चार दिन पहले पीपा पुल के आगे से नदी का पानी बहने लगा। इससे दो पहिया और चार पहिया वाहनों सहित पैदल भी आना जाना असंभव हो गया। एहतियात के तौर अस्थायी रोक लग गई है। कुशीनगर व महराजगंज जनपद के नदी के दोनों तरफ बसे लोगों की सुविधा के लिए वर्ष 2020 के मार्च में पीपा पुल की सौगात उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दी थी। पीपा पुल के रास्ते मात्र नौ किलोमीटर दूरी तय कर नदी पार बसे कई गांव के लोग अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं। पीपा पुल नहीं होने से लोगों को असुरक्षित प्राइवेट नाव से मनमाना किराया देकर नदी पार करनी पड़ रही है। बिहार के रास्ते वाल्मीकि टाइगर रिजर्व जंगल के रास्ते पनियहवा पुल होकर 36 किलोमीटर दूरी तय कर खड्डा पहुंचने के लिए तय करनी पड़ रही है। कार्यदायी संस्था जलस्तर सामान्य होने का इंतजार कर रहा है, ताकि अतिरिक्त पीपा जोडकर आवागमन शुरू कराया जाए। गांव के मुन्ना यादव, सुरेंद्र राजभर, बृजभूषण, जवाहिर कुशवाहा, नथुनी राजभर, दीलीप, जितेंद्र यादव आदि ने पुल को शीघ्र आवागमन के लिए तैयार करने की मांग की है। इस संबंध में कार्यदायी संस्था लोकनिर्माण विभाग के अवर अभियंता जेसी शर्मा ने बताया है कि जलस्तर में उतार चढ़ाव से पुल संचालन में व्यवधान आया है,शीघ्र समस्या समाधान कर ली जाएगी।