कहीं जर्जर भवन तो कहीं अधूरा पड़ा है आंगनबाड़ी केंद्र
- खड्डा क्षेत्र के कई आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत है दयनीय
संवाद न्यूज एजेंसी
खड्डा। नौनिहालों के स्वास्थ्य और अक्षर ज्ञान देने की प्रथम इकाई के रूप में संचालित क्षेत्र के कई आंगनबाड़ी केंद्र का भवन बदहाल है। कुछ केंद्रों का भवन जर्जर है तो कुछ केंद्र का भवन लंबे समय से अधूरा पड़ा है। ऐसे में गांव के बच्चों का देखभाल समेत अन्य सरकारी योजनाएं लाभार्थियों तक पहुंचाने में परेशानी हो रही है।
खड्डा बाल विकास परियोजना कार्यालय बसडीला ग्राम पंचायत में स्थापित है। गांव का आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) परिसर में संचालित है। यह कक्ष जर्जर हो चुका है। इसके पीछे कूड़ा करकट पड़ा है। ग्राम पंचायत अहिरौली के आंगनबाड़ी केंद्र की हालत भी ज्यादा खराब है। इस भवन का दरवाजा, खिड़की, शौचालय टूट चुका है। परिसर में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा है। इसी तरह क्षेत्र के कोपजंगल, हनुमानगंज, लक्ष्मीपुर पड़रहवा, सोहरौना, सिसवा गोपाल, चमरडीहा, लखुआ, बुलहवां, बंजारी पट्टी, बुलहवा, शिवपुर, महादेवा, तुर्कही, रामपुर गोनहा आदि गांव में बना आंगनबाड़ी केंद्र अधूरा पड़ा है, जबकि बरवारतनपुर, पकड़ी बृजलाल, गड़हिया बसंतपुर आदि में बना भवन जर्जर हो गया है। गांव के अजय, दिलीप, विवेक, जनार्दन, सुमन, नंदलाल आदि लोगों का कहना है कि सरकार आंगनबाड़ी केंद्र बनाने के लिए बड़ी धनराशि खर्च कर रही है। इसके बावजूद भी स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है। इससे गर्भवती महिलाओं और बच्चों को बाल विकास परियोजना की तरफ से मिलने वाली योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पता है। इस संबंध में सीडीपीओ खड्डा अब्दुल कयूम का कहना है कि जर्जर व अधूरे केंद्र की जांच कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।