बरामद उपकरण। स्रोत-सोशल मीडिया
पडरौना। कोतवाली पुलिस ने अवैध असलहा की फैक्ट्री का भंडाफोड़ सोमवार को किया। रामकोला थाना क्षेत्र के देवरिया बाबू गांव में अवैध असलहा बनाने की मिनी फैक्ट्री काफी दिनों से संचालित हो रही थी। पुलिस दो युवकों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में आरोपियों को जेल भेज दिया गया। इसका नेटवर्क कुशीनगर, गोरखपुर और बिहार तक फैला है। इसमे शामिल बीस से अधिक युवकों का नाम सामने आया है, इसकी तलाश पुलिस ने शुरू कर दिया है।
गोरखपुर जिले के मिर्जापुर गांव निवासी धनंजय उर्फ लक्की वर्मा को पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान शहर के दरबार रोड पर पकड़ा। इसमें पास से अवैध तमंचा पुलिस ने बरामद किया। पुलिस की पूछताछ में पता चला कि धनंजय उर्फ लक्की वर्मा ने बताया कि रामकोला थाना क्षेत्र के देवरिया बाबू निवासी धर्मवीर शर्मा के घर अवैध असलहा बनता है और बिहार में इसे हम लोग बेचते हैं, इसमें बीस से अधिक युवक बिहार, कुशीनगर और गोरखपुर के जुड़े हैं। पुलिस इसकी निशानदेही पर देवरिया बाबू गांव निवासी धर्मवीर शर्मा के घर छापेमारी किया।
सीओ पडरौना अजय कुमार सिंह ने बताया कि दोनों युवक मिलकर देवरिया बाबू गांव में धर्मवीर के घर तमंचा बनाते थे और आस-पास के शहरों के अलावा बिहार में बेचते थे।आरोपी धनंजय कुमार उर्फ लकी वर्मा के खिलाफ पहले से चोरी, एनडीपीएस और हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है। धर्मवीर के घर से पुलिस ने चार अवैध तमंचे विभिन्न बोर के, जिंदा व खोखा कारतूस, गोली, पिस्टल मैगजीन, बाइक तथा हथियार निर्माण में प्रयुक्त ड्रिल मशीन, ग्राइंडर, हथौड़ी, रेती, छेनी, पाइप, निहाई आदि सामान बरामद किया है। पुलिस के अनुसार अवैध हथियारों के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश की जा रही है और जल्द ही और खुलासे हो सकते हैं।