मंसाछापर। नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक क्षेत्र के तीन गांवों में बीमारी से छह बच्चों की मौत के बाद विशुनपुरा विकास खंड के रोआरी गांव की एक बच्ची की मौत हो गई। उसका इलाज बीआरडी मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में चल रहा था, जहां बुधवार को सुबह मौत हो गई।
इसके बाद गांव के बीमार बच्चे और घरवाले सहम गए हैं। बुधवार को दोपहर में गांव में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कैंप लगाकर दवा वितरण किया और बुखार से पीड़ित मिले तीन बच्चों का सैंपल जांच के लिए लिया। गांव वालों को गर्म पानी पीने और साफ सफाई के लिए जागरूक किया। वहीं बीडीओ ने पीड़ित परिवार से मिलकर पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ देने का आश्वासन दिया।
सचिव और प्रधान को गांव में सफाई कराने का निर्देश दिया। घर वालों के अनुसार तेज बुखार और उल्टी होने से बच्ची की हालत बिगड़ गई थी।
इसके बाद से इलाज करा रहे थे। शनिवार को रोआरी गांव निवासी भरत चौहान की सात वर्षीय बेटी सलोनी को पहले तेज बुखार आया। इसके बाद उल्टी शुरू हो गई।
परिजन उसे सीएचसी रामकोला ले गए, जहां करीब तीन घंटे इलाज के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए मेडिकल कॉलेज कुशीनगर रेफर कर दिया।
मेडिकल कॉलेज में दो दिन इलाज चला। स्वास्थ्य में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर दिया। बीआरडी में इलाज के दौरान बुधवार को तड़के करीब तीन बजे सलोनी ने दम तोड़ दिया। बुधवार सुबह जैसे ही शव गांव पहुंचा, परिजनों में चीख पुकार मच गई। इस टोले पर पुष्पा (10) पुत्री दरश, किंजल (8) पुत्री लालाबाबू और सोमनाथ (4) पुत्र प्रमोद बुखार से पीड़ित हैं। तीनों बच्चे बुखार और उल्टी-दस्त से जूझ रहे हैं। लगातार बच्चों के बीमार पड़ने और अचानक मौत से गांव के लोग भयभीत हैं। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची और दवाओं का वितरण किया।
इसके पहले नेबुआ नौरंगिया के दो गांवों में पांच और रामकोला के खोटही में एक बच्चे की मौत लेप्टोस्पायरोसिस नामक बीमार से हो चुकी है। घटना की सूचना पर बीडीओ अखंड प्रताप मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी।
10 गांव संवेदनशील, बुखार के मिले 140 मरीज
कुशीनगर। जिले में तेज बुखार और उल्टी के बाद बीमार हुए चार गांवों में सात बच्चों की मौत के बाद जिला प्रशासन की हलचल बढ़ गई है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 17, मेडिकल कॉलेज कुशीनगर में अलग से बनाए गए दस वार्ड के पीकू में छह और सीएचसी पर बनाए गए ईटीसी सेंटर में पांच बच्चे बुखार के भर्ती है। यह बच्चे करीब दस गांव के रहने वाले हैं, इनके गांवों को स्वास्थ्य विभाग संवदेनशील की सूची में शामिल किया है। बुधवार को पूरे दिन इन गांवों में स्वास्थ्य विभाग टीम 508 घरों का सर्वे किया, इसमें 140 बुखार के मिले मरीजों का सैंपल लिया गया,जबकि 137 बच्चे समान्य बुखार और 62 मरीज सर्दी जुकाम के मिले हैं। बीआरडी और कुशीनगर मेडिकल कॉलेज में दो नोडल अधिकारियों की तैनाती की गई है। उनसे बीमार बच्चों का अपडेट लिया जा रहा है। शुरूआती दिनों में सगी बहन और चचेरे भाई की मौत की पुष्टि लेप्टोस्पायरोसिस से होने की हुई। कुशीनगर के 17 बुखार से पीड़ित बच्चे अभी भी बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं।