मां की डांट से नाराज किशोरी ने नदी में कूदकर दी जान
रामकोला/लक्ष्मीगंज। रामकोला थाना क्षेत्र के रामपुर बगहा, मठिया निवासी प्रमोद की बेटी शालू (15 ) सोमवार की सुबह साहबगंज पुल से गंडक नदी में कूद गई। लोगों के अनुसार, खाना बनाने की बात पर मां ने उसे डांट दिया था, जिससे नाराज होकर वह नदी में कूद गई। लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने सात गोताखोरों की मदद से करीब तीन घंटे बाद किशोरी का शव बरामद किया। माता-पिता की इकलौती बेटी शालू सातवीं कक्षा में पढ़ती थी।
रामपुर बगहा, मठिया निवासी प्रमोद दिव्यांग हैं। वह ई रिक्शा चलाकर परिवार का जीवन यापन करते हैं। उनकी मदद के लिए पत्नी नीरा भी साथ जाती हैं। बताया जाता है कि सोमवार की सुबह दोनों कप्तानगंज जाने की तैयारी में थे। घर से निकलने के पहले मां ने भोजन पकाने के लिए कहा। शालू घर में गई तो गैस खत्म होने की बात कहकर बाहर आ गई। मां नीरा ने लकड़ी जलाकर चूल्हे पर खाना बनाने के लिए कहा तो वह नाराज हो गई। मां ने उसे डांट दिया। फिर दोनों कप्तानगंज चले गए।
लोगों के अनुसार, मां और पिता के जाने के बाद ही किशोरी पुल की तरफ पहुंची। वहां कुछ देर तक टहलती रही। उसके बाद अचानक नदी में कूद गई। किशोरी को कूदते हुए देखकर कुछ लोगों ने शोर मचाया, तब सबको घटना की जानकारी हुई। किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। जानकारी पाकर मां भी पहुंच गई। तहसीलदार की अगुवाई में पुलिस ने गोताखोरों की मदद से किशोरी की तलाश शुरू कर दी। करीब तीन घंटे के बाद किशोरी का शव बरामद किया जा सका। परिवार में कोहराम मचा है।
रामकोला थाने के निरीक्षक नीरज कुमार राय ने कहा कि मां की डांट से नाराज होकर किशोरी नदी में कूदी थी। उसका शव बरामद कर लिया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।