सिसवा शुक्ल के ग्रामीणों को समझाती पुलिस। स्रोत-सोशल मीडिया
कप्तानगंज। थाना क्षेत्र के सिसवा शुक्ल गांव में दो पक्षों में हुए विवाद के बाद आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद दूसरे पक्ष के लोगों ने शुक्रवार को थाना गेट पर प्रदर्शन किया। दर्ज मुकदमे को फर्जी बताते हुए इसकी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। लोगों का आरोप है कि लक्ष्मी प्रतिमा विसर्जन के दौरान अबीर गुलाल-उड़ाने का विरोध करने पर युवकों से विवाद हुआ, लेकिन सुनियोजित तरीके से आंबेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त कर फर्जी केस दर्ज कराया गया।
सिसवा शुक्ल गांव में बुधवार की शाम को लक्ष्मी प्रतिमा का विसर्जन करने गांव के कुछ युवक जा रहे थे। जुलूस के दौरान दलित समाज के युवकों पर अबीर गुलाल पड़ गया।
इसको लेकर युवकों के दोनों गुटों के बीच मारपीट हो गई। देर शाम को दलित समाज के युवकों ने गांव में लगे आंबेडकर की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने की सूचना पुलिस को दी। इसको लेकर गांव में तनाव बढ़ गया। दूसरे दिन बसपा के नेता और भीम आर्मी के कार्यकर्ता गांव में पहुंच गए, पुलिस इस मामले में गांव के युवकों पर केस भी दर्ज कर लिया। इसकी जानकारी होने के बाद गांव के दूसरे पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए और कप्तानगंज थाना गेट पर पहुंचकर पुलिस पर बिना जांच किए एक पक्षीय मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन करने लगे। मामला बढ़ता देख थानाध्यक्ष चंद्रभूषण प्रजापति ने नाराज लोगों से बात कर प्रदर्शनकारियों को निष्पक्ष विवेचना करने का आश्वासन दिया।
इसके बाद आक्रोशित लोग शांत हुए। थानाध्यक्ष चंद्रभूषण प्रजापति ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है। कुछ लोग इसे गलत बता रहे हैं, विवेचना निष्पक्ष तरीके से होगी। प्रदर्शन करने वालों में विशाल सिंह, भरत गुप्ता, कन्हैया सिंह, रबड़ी देवी, गुड़िया देवी, राजमती देवी, ज्ञानी शुक्ला आदि शामिल रहे।