हर चीज में मिलावट, लोगों की सेहत पर पड़ रहा असर
त्योहार करीब आते ही बढ़ जाती है खाद्य वस्तुओं में मिलावट
खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में 233 में 122 नमूनों में मिल चुकी है मिलावट
पडरौना। मिलावट करने वालों ने किसी खाद्य सामग्री को नहीं छोड़ा है। बोतल बंद पानी में भी मिलावट पाई गई है। पनीर, दूध, घी, मिठाई, सरसों का तेल, रिफाइन और मसाले तक के नमूनों की जांच में मिलावट मिल चुकी है। जगह-जगह नमूने लेकर प्रयोगशाला में कराई गई जांच में यह बात सामने आई है। त्योहार नजदीक आते ही मिलावट और अधिक बढ़ जाती है। ऐसे में सावधानी बेहद जरूरी है।
खानपान में बड़ी मात्रा में मिलावट हो रही है। बाजार में बिकने वाली पनीर, घी, दूध, मिठाई, सरसों के तेल, रिफाइन, पानी, मसाला भी मिलावटी आ रहे हैं। अप्रैल 2021 से फरवरी 2022 तक खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की तरफ से कराई गई 233 खाद्य वस्तुओं के नमूनों की जांच में 122 नमूने फेल हो गए। इससे साफ जाहिर है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ हो रहा है।
मिलावट करने वालों से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन अप्रैल 2021 से फरवरी 2022 तक 34,68,000 रुपये का जुर्माना वसूल चुका है। 151 व्यवसायियों के खिलाफ मुकदमा दायर किया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बोतल बंद पानी में भी गड़बड़ी पकड़ी है। जांच में पाया गया कि पानी की बोतल पर उसकी एक्सपायरी डेट (वैधता तिथि) अंकित नहीं थी।
दूध के 62 नमूने, खोया के आठ, पनीर के 11, घी के चार, दूध से बनी मिठाइयों के 29, सरसों के तेल के 20, रिफाइन तेल के पांच, मसाले के तीन, खाद्यान्न एवं दाल के 46, बोतल बंद पानी के चार, बेकरी एवं नमकीन के 19 व अन्य खाद्य पदार्थों के 17 नमूने संग्रहित किए गए। यह सैंपलिंग मौजूदा वित्तीय वर्ष में हुई है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. रमाशंकर ने बताया कि मिलावटी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से सेहत पर असर पड़ता है। बच्चे और डायबिटीज रोगियों को सबसे अधिक परेशानी होती है। इससे पेट संबंधी रोग हो जाते हैं। मिलावटी सामान सेहत के लिए हानिकारक हैं। इनका किसी भी हाल में सेवन न करें।
ऐसे करते हैं मिलावट
सामान में चिकनाई लाने के लिए रिफाइन ऑयल का प्रयोग किया जाता है। यह खराब न हो, इसके लिए हाइड्रोजन पराक्साइड डाला जाता है। खोया और मिठाई का वजन बढ़ाने के लिए उसमें मैदा और आलू मिलाया जाता है। चना महंगा होने के चलते मैदे में रंग मिलाकर बाजार में उसे बेसन कहकर भी बेचा जा रहा है।
परिचर्चा
बाजार से खरीदा गए पनीर में मिलावट होने पर उसका स्वाद ठीक नहीं लगता। बाजार में ज्यादातर सामान में मिलावट हो रही है।
अजय सिंह, पडरौना
मसाला खरीदकर ले गया। उसमें भी मिलावट मिला। दुकानदार से शिकायत की, तो उसने कहा कि ऊपर से ही ऐसे आ रहा है।
दिव्य लक्ष्मी, तिलक चौक
नमकीन में कंकड़ मिल गया। दूध भी ग्वाला देता है। उसमें भी मिलावट करके देता है।
नन्हे, सुभाष चौक
बेसन खरीदा। घर पहुंचकर पकौड़ी बनवाया, तो उसमें मैदा मिला हुआ था। मिलावटखोर रकम कमाने के चक्कर में लोगों के सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
अनीश सिंह, शिवराजपुर
ऐसे करें नकली की पहचान
अभिहित अधिकारी मानिक चंद्र सिंह कहते हैं कि उपभोक्ता थोड़ी सी जागरुकता से मिलावट से बच सकते हैं। नकली सरसों का तेल परखने के लिए उसे पानी के साथ मिलाकर हाथों पर रगड़ें। नकली होगा तो थोड़ी देर में रंग छोड़ देगा। इससे आंखों में भी चुभन होगी। नकली बेसन को पानी में डालकर छोड़ दें। थोड़ी देर में रंग ऊपर आ जाएगा। नकली दूध में चीनी का अधिक प्रयोग करें, सूंघने पर केमिकल की गंध आएगी। मिलावट रोकने के लिए बने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अनुसार नमूना फेल होने पर आरोपित पर पांच लाख रुपये तक का जुर्माना और तीन माह तक की सजा हो सकती है।
वर्जन
मिलावटी सामान की बिक्री रोकने के लिए विभाग की कार्रवाई जारी है। इसके लिए लगातार नमूने लिए जा रहे हैं।
मानिक चंद्र सिंह, अभिहित अधिकारी