रामकोला। कस्बा सहित देहात क्षेत्र के रहने वाले साइबर ठगी का नेटवर्क खड़ा करने वाला श्याम कुमार केडिया अब भी पुलिस पकड़ से दूर है। उसके साथ रहने वाला कुस्महा सूरज पट्टी का विश्वजीत सिंह भी लापता है। शनिवार को साइबर क्राइम सेल की टीम ने दोनों आरोपियों के घर छापेमारी की लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा।
बताया जाता है कि श्याम केडिया साइबर ठगी गिरोह का मास्टरमाइंड है। उसके इशारे पर अन्य लोग काम कर रहे थे। साइबर ठगी गिरोह के दो गुर्गे जेल में हैं। नेटवर्क में कई लोग जुड़े हैं। जिसमें से दो और प्रमुख साथी श्याम केडिया और विश्वजीत सिंह को चिह्नित किया गया है। यह दोनों आरोपी रामकोला थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनकी तलाश में पुलिस टीम शनिवार को उसके घर पर छापेमारी की लेकिन आरोपी नहीं मिले। पुलिस की अब तक की जांच में पता चला है कि आरोपियों के खिलाफ देशभर में एनसीआरपी (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) पर 122 शिकायतें दर्ज हैं। अब तक करीब 34.75 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से इनके तार जुड़े होने के साक्ष्य मिले हैं।
पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि मास्टरमाइंड श्याम कुमार केडिया तीन भाइयों में सबसे छोटा है। उसे लग्जरी गाड़ियों का शौक है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि वह अक्सर बाहर रहता है। उसके पास दो लग्जरी गाड़ियां थीं। चंद्रपुर के बरवा निवासी सुरेश कुशवाहा व अरविंद पांडेय और कुस्महा के टोला सूरज पट्टी के विश्वजीत सिंह की मदद से साइबर ठगी की वारदात को अंजाम देता था। इस संबंध में साइबर थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि जल्द ही फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी हो जाएगी। पुलिस की तलाश जोरों पर है।