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प्रधानों का कार्यकाल बढ़ने की उम्मीद नहीं, खाता संचालन पर लगी रोक

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प्रधानों का कार्यकाल बढ़ने की उम्मीद नहीं, खाता संचालन पर लगी रोक
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25 दिसंबर को पूरा हो रहा है ग्राम प्रधानों का कार्यकाल, पंचायत चुनाव के लिए परिसीमन की प्रक्रिया चल रही है
शासन से मिली चिट्ठी पर क्रियान्वयन आदेश जारी कर रहे हैं डीपीआरओ
अमर उजाला ब्यूरो
पडरौना। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 दिसंबर को खत्म हो रहा है। अब इनका कार्यकाल बढ़ने की उम्मीद नहीं है। पंचायतीराज निदेशालय ने 25 दिसम्बर की रात 12 बजे के बाद ग्राम प्रधानों द्वारा किसी भी प्रकार का भुगतान करने पर रोक लगा दी है। निदेशक की तरफ से इसके लिए पत्र भी डीएम को भेजा गया है। डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ ने इसके लिए संबंधित एडीओ पंचायतों को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जिले में पिछले पंचायत चुनाव में 1121 ग्राम पंचायतों में चुनाव हुआ था, परंतु शहरीकरण के चलते अगले चुनाव में केवल 1003 ग्राम पंचायतें ही रह जाएंगी। इस वक्त क्रियाशील 1046 ग्राम पंचायतों के प्रधानों का कार्यकाल भी 25 दिसम्बर को पूरा हो रहा है। कयास लगाए जा रहे थे कि कोरोना संकट को देखते हुए पंचायतों का कार्यकाल कुछ दिन के लिए आगे बढ़ सकता है। परंतु अब पंचायतीराज निदेशालय की तरफ से भेजे गए पत्र के बाद स्थिति पूरी तरह से साफ हो गई है। पंचायतीराज निदेशक किंजल सिंह की तरफ से जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 25 दिसम्बर को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। इसको देखते हुए 25 दिसम्बर की रात 12 बजे के बाद वर्तमान ग्राम प्रधान किसी प्रकार का भुगतान नहीं कर सकेंगे। इसके अलावा पंचायतीराज विभाग के पोर्टल ई ग्राम स्वराज पर प्रधानों का अकाउंट भी 25 दिसम्बर की रात 12 बजे से अनरजिस्टर्ड कर दिया जाएगा। ग्राम प्रधानों का अकाउंट कैंसिल होने के बाद शासन की तरफ से नामित प्रशासक का अकाउंट रजिस्टर्ड किया जाएगा। पंचायतीराज निदेशक ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि 25 दिसम्बर के बाद अगर ग्राम प्रधान किसी चेक या अन्य माध्यम से भुगतान करता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायत सचिव व एडीओ पंचायत की होगी।
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अंतिम दिन भुगतान की मचेगी होड़
अपने कार्यकाल के अंतिम दो दिनों में ग्राम प्रधानों ने खाते में बचे राज्य वित्त, केंद्रीय वित्त व अन्य योजनाओं के बजट को खपाने की होड़ रहेगी। ग्राम पंचायत में कराए गए कार्यों से संबंधित जो भी बकाया अवशेष है, उनका भुगतान बृहस्पतिवार व शुक्रवार को कर लेना होगा। शुक्रवार की रात 12 बजे के बाद किसी प्रकार का भुगतान ग्राम प्रधान नहीं कर सकेंगे। इसको लेकर ग्राम प्रधानों व ग्राम पंचायतों सचिवों ने तैयारी तेज कर दी है। ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव बाकी बचे दो दिन में ही अपने कार्यकाल का लेखा-जोखा दुरुस्त करने में जुटे हैं। क्योंकि प्रशासक नामित होते ही ग्राम पंचायत के तमाम महत्वपूर्ण अभिलेख नए प्रशासक के पास जमा हो जाएंगे।
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निर्देशानुसार चल रही है कार्रवाई: डीपीआरओ
डीपीआरओ राघवेंद्र द्विवेदी ने बताया कि पंचायत चुनाव की घोषणा शासन स्तर से होनी है लेकिन इसके लिए जो भी जरूरी तैयारी है वह शासन के निर्देशानुसार की जा रही है। ग्राम प्रधानों के खाता संचालन पर रोक से संबंधित पत्र मिला है, लेकिन अभी मैं अवकाश पर हूं। इस संबंध में शासन ने भी जो गाइडलाइन तय की है, उसका अक्षरश: पालन कराया जाएगा।
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